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‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ फिल्म को मिला नोटिस

मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ विवादों में घिर गई है। इस फिल्म को आसाराम बापू की तरफ से कानूनी नोटिस मिला है। मामले में आसाराम बापू ने कोर्ट से फिल्म की रिलीज और  इसके ट्रेलर पर रोक की मांग की है। अब फिल्म के प्रोड्यूसर आसिफ शेख ने इसका जवाब दिया है।

By Rakesh 

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मनोज वाजपेयी की फिल्म विवादों में घिरी

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आजकल कोई भी फिल्म ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही मूवी विवादों में घिर जाती है। अभी दे केरला स्टोरी विवादों में बनी हुई है। उसको लेकर लगातार राजनीति हो रही है। वहीं अब मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ विवादों में घिर गई है।

इस फिल्म को आसाराम बापू की तरफ से कानूनी नोटिस मिला है। मामले में आसाराम बापू ने कोर्ट से फिल्म की रिलीज  और  इसके ट्रेलर पर रोक की मांग की है। अब फिल्म के प्रोड्यूसर आसिफ शेख ने इसका जवाब दिया है।

उनका कहना है कि फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा सच क्या है। जोधपुर की एक निचली अदालत ने 2013 में एक आश्रम में आसाराम बापू को दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

‘हमारे वकील उठाएंगे अगला कदम’

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एक टीवी चैनल से बात करते हुए हुए निर्माता आसिफ शेख ने बताया कि ‘हां, हमें नोटिस मिला है और हमारे वकील अगला कदम उठाएंगे। हमने पीसी सोलंकी पर एक बायोपिक बनाई है और मैंने इस फिल्म को बनाने के लिए उनसे अधिकार खरीदे थे। अब अगर कोई कह रहा है कि फिल्म उन पर आधारित है तो वे जो सोच सकते हैं और हम उसे रोक नहीं सकते।

केवल फिल्म ही सच बता पाएगी, जब ये सामने आएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, आसाराम ने कोर्ट से फिल्म के प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग भी की थी। उनके वकीलों ने दावा किया कि फिल्म उनके मुवक्किल के प्रति अत्यधिक आपत्तिजनक और मानहानिकारक है। उन्होंने ये भी कहा कि ये उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल कर सकती है और उनके अनुयायियों की भावनाओं को प्रभावित कर सकती है।

‘वास्तविक घटनाओं से प्रेरित’

फिल्म के ट्रेलर में एक डिस्क्लेमर है जिसमें कहा गया है कि यह वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित है। एक कोर्टरूम ड्रामा सिर्फ एक बंदा काफी है दीपक किंगरानी द्वारा लिखी गयी है। ये एक उच्च न्यायालय के वकील की कहानी है। जिसने अकेले ही POCSO अधिनियम के तहत एक नाबालिग के साथ बलात्कार का मामला लड़ा।

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