1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. ईदगाह में गणेश पूजा विवाद: SC ने तीन जजों की पीठ को भेजा केस

ईदगाह में गणेश पूजा विवाद: SC ने तीन जजों की पीठ को भेजा केस

ईदगाह में गणेश पूजा विवाद: दोनों जजों के राय में अंतर, SC ने तीन जजों की पीठ को भेजा केस

By Ruchi Kumari 
Updated Date

सुप्रीम कोर्ट में गणेश चतुर्थी 2022 उत्सव के लिए बेंगलुरु में ईदगाह मैदान के उपयोग की अनुमति देने वाले कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हुई. जस्टिस हेमंत गुप्ता और सुधांशु धूलिया की बेंच मामले की सुनवाई की. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामला तीन जजों की पीठ के पास भेज दिया. मामले में दोनों जजों की राय में अंतर होने की वजह से मामले को तीन जजों की पीठ के पास भेजा गया है.

पढ़ें :- इस बार के चुनाव ने BJP, आप और कांग्रेस तीनों पार्टियों को जीत दिलाई, जानें कौन कहाँ से जीता

इस मामले में वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल कर्नाटक वक्फ बोर्ड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान उन्होंने तर्क दिया कि जब एक समुदाय अपने धार्मिक अनुष्ठानों के लिए एक स्थान का उपयोग कर रहा है तो अचानक क्या हो गया कि दूसरे धर्म को उसके उपयोग पर जोर दिया जा रहा है.
जस्टिस हेमंत गुप्ता के नेतृत्व वाली पीठ ने मुख्य न्यायधीश के पास मेंशनिंग करने को कहा, जिसके बाद सीजेआई कि पीठ के समक्ष वक्फ बोर्ड के वकीलों ने मामला मेंशन किया. दूसरी ओर बेंगलुरु प्रशासन ने ईदगाह में कल और परसों गणेश उत्सव कि इजाजत दी है. सीजेआई ने कहा कि अभी तो कोई तीन जजों कि पीठ नहीं है.कल सुनवाई कर लें.
1600 पुलिस कर्मियों की तैनाती: डीसीपी
ईदगाह मैदान के पास की गई सुरक्षा व्यवस्था पर डीसीपी लक्ष्मण बी. निम्बार्गी (पश्चिम मंडल) ने कहा कि पिछले 15 दिनों से बदमाशों पर कार्रवाई की जा रही है। हम कानून और व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी की पृष्ठभूमि पर भी हमने सभी समुदाय के नेताओं के साथ शांति बैठक की है। हमने चामराजपेट में लगभग 1600 पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। इसके अलावा तीन DCP, 21 ACP, लगभग 49 निरीक्षक, 130 PSI और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी शांति और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है
सिब्बल ने कहा कि यह वक्फ की संपत्ति है और इस मामले में किसी अन्य धर्म द्वारा ईदगाह के प्रयोग पर रोक लगाई जाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपकी याचिका इस स्थल पर मालिकाना हक के लिए है.
सिब्बल ने कहा कि अगर यह वक्फ कि संपत्ति नहीं थी तो बेंगलूर प्रशासन को चुनौती देनी चाहिए थी. लेकिन गणेश चतुर्थी कि इजाजत किस आधार पर दे दी.1831 से यह मैदान हमारे कब्जे में है. आज 2022 में अचानक वहां धार्मिक आयोजन की इजाजत दे दी गयी, क्योंकि अगले साल चुनाव है. कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 1962 के फैसले का हवाला वक्फ बोर्ड के पक्ष में दिया था.

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...