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GST : आटा, दाल और चावल खुले में बेचने पर नहीं लगेगा GST, सीतारमण ने कहा-टैक्स लीकेज को रोकने के लिए ये फैसला बेहद जरूरी

GST परिषद की बैठक में प्रीपैकेज्ड अनाज, दाल, आटा, छाछ, दही और पनीर को 5 फीसदी GST टैक्स स्लैब के दायरे में लाने का फैसला किया था, जो 18 जुलाई से देशभर में लागू हो गया है। पहले ये सभी वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर थीं।

By इंडिया वॉइस 

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नई दिल्ली, 19 जुलाई। मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि दाल, गेहूं, चावल और आटा की खुली बिक्री पर कोई वस्तु एवं सेवा कर (GST) नहीं लगेगा।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को ट्वीट कर खाद्य पदार्थों की सूची जारी की है, जिसमें दाल, गेहूं, राई, ओट्स, मकई, चावल, आटा, सूजी, बेसन, मूढ़ी और लस्सी जैसी चीजें शामिल है। दरअसल इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी कि इन वस्तुओं की खुली बिक्री पर भी GST लगेगा या नहीं। अब सरकार ने साफ किया है कि इनकी खुली बिक्री पर कोई GST नहीं देना होगा।

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सीतारमण ने ट्वीट कर साफ किया कि GST परिषद ने गेहूं, आटा, चावल समेत कई चीजों की खुली बिक्री को GST से मुक्त रखा है। इनमें दाल, गेहूं, राई, जौ, मक्का, बेसन, मुरमुरे, चावल, आटा, सूजी, दही और लस्सी शामिल है। हालांकि इन उत्पादों की प्रीपैक्ड या लेबल्ड के तौर पर बिक्री के मामले में 5 फीसदी का GST लगेगा। वित्त मंत्री ने ये भी साफ किया है कि इन खाद्य पदार्थों पर से GST हटाने का फैसला किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि पूरे GST परिषद ने एक प्रक्रिया के तहत लिया है। सीतारमण ने एक के बाद एक किए गए अपने 14 ट्वीट में कहा है कि टैक्स लीकेज को रोकने के लिए ये फैसला बेहद जरूरी था।

इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने भी GST प्रीपैकेज्ड एंड लेबल्ड नाम से जारी एक FAQ में चीजों को साफ किया था। इस FAQ में बताया गया कि अगर दाल, आटा, चावल जैसे फूड आइटम्स की पैकिंग लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट, 2009 के हिसाब से होती है, जिसका वजन 25 किलो से ज्यादा है, तो उस पर GST नहीं लगेगा। अगर किसी बोरी में 5-5 किलो या 10-10 किलो के पैक डालकर उस पूरी बोरी का वजन 25 किलो से ज्यादा कर दिया जाता है तो उसे GST से छूट नहीं मिलेगी।

GST परिषद ने चंडीगढ़ में 28-29 जून, 2022 को हुई 47वीं बैठक में प्रीपैकेज्ड अनाज, दाल, आटा, छाछ, दही और पनीर को 5 फीसदी GST टैक्स स्लैब के दायरे में लाने का फैसला किया था, जो 18 जुलाई से देशभर में लागू हो गया है। पहले ये सभी वस्तुएं जीएसटी के दायरे से बाहर थीं।

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