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Bike चलाते समय न करें ये गलतियां, पढ़ें Safe Riding Tips

बाइक चलाना बेशक आपको रोमांच से भर देता हो, लेकिन बाइक को बनाने की कई टेक्नोलॉजी उसकी दुर्घटना होने की संभावनाओं को कम या अधिक करती है।

By Vikas Arya 
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नई दिल्ली, विकास आर्य। बाइक चलाने वालों के लिए ये लेख बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। बाइक चलाते समय अक्सर कई गलतियां हो जाती हैं, जिनके बारे में हमें मालूम ही नहींं होता है। बाइक राइडिंग एडवंचर्स के साथ ही रिस्की भी होती है। स्पीड में इमरजेंसी ब्रेक लगाने पर बाइक का बैलेंस बिगड़ने व बाइक गिरने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

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हालांकि, बाइक कंपनी के ब्रेकिंग सिस्टम और इंजीनियरिंग तकनीक बाइक के गिरने की संभावनाओं पर निर्भर करती है। इसके साथ ही वेट डिस्ट्रीब्यूशन, राइडर स्किल, टू व्हीलर्स के वेट के महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहां हम प्रभावी ब्रेकिंग की तकनीक पर नजर डालेंगे।

बाइक के ब्रेक
बाइक के ब्रेक को मुख्य रूप से दो कैटेगरी, डिस्क और ड्रम में बांटा गया है. हालांकि ड्रम ब्रेक अपेक्षाकृत पुरानी कांसेप्ट है, डिस्क ब्रेक नए हैं और सभी लेटेस्ट बाइक मॉडल पर देखे जा रहे हैं.

ड्रम ब्रेक
ड्रम ब्रेक कम मेंटेनेंस वाले होते हैं, क्योंकि उनके पास एक फ्लूइड नहीं होता है जिसे रेगुलर बदलने की आवश्यकता होती है, लेकिन उनके नेगेटिव आस्पेक्ट भी होते हैं. ड्रम एक एन्क्लोजड सिस्टम है जहां हीट रिलीज़ की कोई गुंजाइश नहीं होती है. इसलिए, जब ब्रेक लगाना घर्षण के कारण हीट जेनरेट करता है, तो उसे आउटलेट नहीं मिलता है. ब्रेक में गर्मी ब्रेक फेड नामक एनर्जी जनरेट करती है जो ब्रेकिंग सिस्टम की स्टॉप पावर कम करती है.

डिस्क ब्रेक
दूसरी ओर, डिस्क को खुले में रहने का लाभ मिलता है. गर्मी को सबसे कुशलता से स्प्रेड के लिए उनके पास ‘पंखुड़ियों’ के रूप में एफिशिएंट छोटे होल्स भी होते हैं.  डिस्क ब्रेक पर ब्रेक कैलिपर में ज्यादा पिस्टन की प्रजेंस भी बेहतर-स्टॉपिंग पावर में ट्रांसलेट होती है.

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प्रभावी होने के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
प्रभावी ब्रेक लगाने के लिए सवार को क्लच का इफ़ेक्ट से उपयोग करने की आदत होनी चाहिए.  ब्रेक लगाते समय एक साथ क्लच का उपयोग करने से पहिया को पावर ट्रांसफर में कटौती करने और इंजन को चालू रखने की सहूलियत मिलती है.  इसके अतिरिक्त, गियर का ट्रैक रखने की आवश्यकता से बचने के लिए, आपात स्थिति में ब्रेक लगाते समय सवार को पहले गियर पर टैप करना चाहिए. अब, यदि वाहन पूरी तरह से बंद हो गया है, तो बाइकर को हमेशा पहले गियर में होना चाहिए ताकि जब भी अचानक फिर से जाने की आवश्यकता हो, तो सारी पावर का उपयोग किया जा सके.

जानिए कब किस ब्रेक का इस्तेमाल करें
फ्रंट ब्रेक आमतौर पर आपातकालीन स्थिति में ढलान पर रुकने, रोलबैक करने के लिए उपयोग किए जाते हैं. प्रभावी ब्रेकिंग के लिए, फ्रंट ब्रेक का उपयोग धीरे-धीरे रोकने और दबाव डालने के लिए किया जाना चाहिए जब तक कि रोकने के लिए और कुछ न हो. राइडर्स को स्टैण्डर्ड राइडिंग स्टांस रखना चाहिए, घुटनों और जांघों को टैंक आसपास और अपर बॉडी को रिलैक्स लेकिन फर्म रखना चाहिए. रियर ब्रेक आमतौर पर धीमी गति से चलते हुए गति को कम करने के लिए उपयोग किए जाते हैं. इमरजेंसी में धीमा करने के लिए पीछे के ब्रेक का उपयोग सामने के साथ संयोजन में किया जाना चाहिए.

 

  • डक वॉक न करें, डक वॉक तब होती है जब राइडर अपने दोनों पैरों को बैलेंस करने और बाइक को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता है. हालांकि, ऐसा करना इस बात का संकेत है कि हो सकता है कि राइडर का बाइक पर पूरा नियंत्रण न हो.
  • अचानक और कठोर ब्रेक लगाने से संतुलन बिगड़ सकता है और आप गिर सकते है.
  • लीवर के ऊपर अपने हाथ घूमना आपातकालीन स्थितियों में खतरनाक हो सकता है. घबराहट में, इसका रिजल्ट अचानक ब्रेक लगाना हो सकता है.

मेंटेनेंस चेक

  • ब्रेक फ्लुइड के कलर की नियमित जांच करें.
  • ब्रेक पैड और डिस्क की जांच करें ताकि आपको पता चले कि वे खराब न हो.
  • राइड से पहले टायर प्रेशर चेक करें.
  • सेफ राइडिंग करें और हमेशा अपना हेलमेट पहनें.

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