इस सत्र में सभी सदस्यों ने देर रात तक बैठकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। कुल 13 विधेयक पारित हुए हैं, 5 विषयों पर अनुदान मांगों पर चर्चा हुई।
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नई दिल्ली, 07 अप्रैल। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि साल 2023 तक सभी विधान मंडल की कार्यवाही एक मंच पर लाई जाएगी, जिससे मेटा-डेटा के आधार पर जानकारी मिलेगी। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। हमारी कोशिश है कि हर साल की पूरी कार्यवाही आपको मिल जाए। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा के बाद संसद भवन परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। लोकसभा के साथ ही राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित। इसके साथ ही संसद के बजट सत्र का समापन भी हुआ।
इस सत्र में सभी की भागीदारी से उत्पादकता 129% रही
वहीं लोकसभा में इस सत्र में हुए कामकाज का ब्योरा देते हुए बिरला ने कहा कि इस सत्र में सभी की भागीदारी से उत्पादकता 129 प्रतिशत रही। 8वें सत्र तक सदन की उत्पादकता 106 प्रतिशत रही है । पिछले अनुभवों की तुलना में ये सत्र सभी के समर्थन से अच्छा रहा। इस सत्र में सभा ने कुल मिलाकर 40 घंटे देर तक बैठकर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। सत्र के दौरान 182 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों के संबंध में 11 फरवरी को आधे घंटे की चर्चा की गई।
सत्र के दौरान 13 विधेयक पारित किए गए। प्रश्नकाल में रोजाना औसतन 7.91 प्रश्नों के उत्तर दिए गए। जलवायु परिवर्तन, खेलकूद को प्रोत्साहन व युक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
— Om Birla (@ombirlakota) April 7, 2022
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ओम बिरला ने कहा कि सत्र के दौरान सदस्यों ने नियम 377 के अधीन 486 लोकहित के विषय सदन के सामने पेश किए। इस सत्र में सदस्यों द्वारा कई विषयों पर अविलंबनीय लोक महत्व के मामले उठाए गए। इसके साथ ही सत्र के दौरान कई संसदीय समितियों ने कुल 62 प्रतिवेदन पेश किए। मंत्रियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर कुल 35 वक्तव्य दिए गए।
सदन देश की सर्वोच्च संस्था- बिरला
अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमें सदन की मर्यादा और गरिमा को बनाकर रखना चाहिए। साल 2023 में हम देश के सभी विधानमंडल की कार्यवाही को एक पटल पर लाएंगे। इस सत्र में सभी सदस्यों ने देर रात तक बैठकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया। कुल 13 विधेयक पारित हुए हैं, 5 विषयों पर अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। सत्र में बजट पर भी चर्चा हुई है। हम कोशिश करते हैं कि सदन निर्वाह रूप से चले क्योंकि ये देश की सर्वोच्च संस्था है।