Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. Lonavala Waterfall Accident: अचानक आया सैलाब, बह गया परिवार, 5 लोगों की मौत का डराने वाला Video …

Lonavala Waterfall Accident: अचानक आया सैलाब, बह गया परिवार, 5 लोगों की मौत का डराने वाला Video …

By up bureau 

Updated Date

महाराष्ट्र। गर्मी की छुट्टियां मनाने के लिए दोस्त और उनके परिवार मिलकर महाराष्ट्र गए थे। मुंबई के पास लोनावला में पिकनिक मनाने का प्रोग्राम मना। बारिश हो रही थी तो सभी मिलकर झरने के पानी में नहाने लगे। बारिश का लुत्फ उठाने लगे, लेकिन देखते ही देखते झरने में पानी का सैलाब आया। भारी बारिश के कारण भूसी डैम के पीछे बनी पहाड़ी से इतना पानी और मलबा आया कि झरने के पानी में नहा रहे लोग फंस गए।

पढ़ें :- प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने केक काटकर PM मोदी का मनाया जन्मदिन

समय रहते कुछ लोग किनारे पर आ गए, लेकिन एक परिवार के 7 सदस्य फंस गए। उनमें से 2 लोग भी तैरकर किनारे पर आ गए, लेकिन पानी का बहाव देखकर 5 लोग एक दूसरे को पकड़कर खड़े हो गए, लेकिन देखते ही देखते वे पानी में बह गए और किनारे पर खड़े लोगों की आंखों से ओझल हो गए। 5 लोगों की जलसमाधि बनने का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर एक बार तो आप भी डर जाएंगे कि कैसे मौत उनको अपनी तरफ खींच ले गई।

किनारे खड़े लोगों ने की बचाने की खूब कोशिश

पुलिस अधीक्षक पंकज देशमुख ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही लोनावला पुलिस, प्रशासन के अधिकारी और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन पानी में बहे लोगों की लाशें मिली। मृतकों में 40 साल की महिला और बच्चे शामिल हैं। महिला और 2 बच्चों की लाशें मिली गई हैं। अन्य 2 की तलाश जारी है। पांचों एक ही परिवार के हैं, जो रिश्तेदारों के साथ पिकनिक मनाने के लिए मुंबई से 80 किलोमीटर दूर लोनावला में आए थे।

झरने के पानी में नहाते समय पैर फिसलने से हादसा हुआ। किनारे खड़े लोग उन्हें रस्सी और ट्रेकिंग गियर्स के जरिए बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वे उन्हें निकाल पाते, पानी के बहाव में बह गए। किनारे पर खड़े लोग उन्हें बचाने के लिए काफी दूर तक गए, लेकिन वे आंखों से ओझल हो गए। उन्होंने एक चट्टान को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन पानी के बहाव में वे कामयाब नहीं हो पाए और बहते चले गए।

पढ़ें :- 2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर : रक्षा मंत्री
Advertisement