पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में डेढ़ साल बाद तक मृतक का अंतिम संस्कार ना करने जैसा मामला मेरठ में भी सामने आ चुका है. करीब आठ साल पहले भाई की मौत के बाद उसकी लाश के साथ उसका भाई करीब 25 दिन तक सोता रहा. जानकारी के मुताबिक व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार था.जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था.
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जानकारी के मुताबिक शास्त्रीनगर निवासी एक मकान में दो बुजुर्ग भाई रहते थे. डॉ. हरीश बगई की अगस्त 2014 में मृत्यु हो गई थी. मौत के बाद भी उनके छोटे भाई ने अंतिम संस्कार नहीं किया और लाश के साथ ही घर में सोता रहा.रोजाना भाई के लिए खाना बनाता था. इस दौरान उन्होंने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था. इतना ही नहीं, घर के खिड़की दरवाजे बंद ही रखते थे. दुर्गंध बाहर न जाए, इसलिए घर में कई तरह के इत्र का इस्तेमाल कर रहे थे. कई दिन गुजरने के बाद लाश सड़ने लगी और दुर्गंध आसपास के लोगों के घरों तक पहुंचने लगी. इसके बाद पुलिस से शिकायत की गई.
पता चला कि डॉ. हरीश के छोटे भाई की हालत ठीक नहीं है और डिप्रेशन का शिकार थे. पूछताछ में पता चला कि बुजुर्ग अपने भाई की लाश के साथ ही सोता था और उसके लिए खाना भी बनाता था.