1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. Mission Rail Karmayogi : रिजर्वेशन फॉर्म भरने से लेकर ट्रेन तक पहुंचने में मदद करेंगे 51 हजार ‘रेल कर्मयोगी’, जानें कैसे?

Mission Rail Karmayogi : रिजर्वेशन फॉर्म भरने से लेकर ट्रेन तक पहुंचने में मदद करेंगे 51 हजार ‘रेल कर्मयोगी’, जानें कैसे?

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को टिकट खरीदने से लेकर यात्रा के दौरान होने वाली कई परेशानियों को दूर करने के लिए देशभर में 51 हजार से अधिक ‘रेल कर्मयोगी’ तैनात किए हैं। इन फ्र्ंटलाइन वर्कर्स को 'मास्टर ट्रेनर्स' द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।

By इंडिया वॉइस 
Updated Date

नई दिल्ली, 05 मई। भारतीय रेलवे ने यात्रियों को टिकट खरीदने से लेकर यात्रा के दौरान होने वाली कई परेशानियों को दूर करने के लिए देशभर में 51 हजार से अधिक ‘रेल कर्मयोगी’ तैनात किए हैं। इन फ्र्ंटलाइन वर्कर्स को ‘मास्टर ट्रेनर्स’ द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।

पढ़ें :- News Bulletin : रहना चाहते हैं 'अप टू डेट' तो कम शब्दों में पढ़ें सुबह की 5 बड़ी ख़बरें

यात्रियों की सेवा में हाजिर होंगे रेल कर्मयोगी

रेल मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि मिशन रेल कर्मयोगी के तहत 51 हजार से अधिक फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (IRITM) में प्रशिक्षित किया गया है। रेल कर्मयोगी स्टेशन परिसर में यात्रियों को आरक्षण फॉर्म भरने, काउंटर टिकट बनवाने, डिजिटल भुगतान में सहायता, रेलगाड़ी और कोच की वास्तविक स्थिति बताने के अवाला यात्रा के दौरान ट्रेन में प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था करने के अलावा अपराध होने पर GRP और RPF तक पहुंचाने में भी मदद करेंगे।

एक बैच में विभिन्न क्षेत्रों के 7 डिवीजनों के मास्टर ट्रेनर्स

IRITM में इस साल 28 फरवरी से मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। हर एक बैच में विभिन्न क्षेत्रों के 7 डिवीजनों के मास्टर ट्रेनर्स हैं। अब तक मास्टर प्रशिक्षकों के 8 बैचों में 49 मंडल (आधे से अधिक भारतीय रेल मंडल) शामिल हैं और 8वां बैच वर्तमान में प्रशिक्षण हासिल कर रहा है। ये मास्टर ट्रेनर पहले ही क्षेत्र में 51,000 से अधिक फील्ड प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित कर चुके हैं।

पढ़ें :- Gyanvapi Survey : ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट लीक, परिसर में मिले सनातन धर्म से जुड़े चिह्न

गौरतलब है कि मिशन कर्मयोगी को 20 सितंबर, 2020 को भारत सरकार द्वारा दुनिया में कहीं भी सबसे महत्वपूर्ण क्षमता निर्माण पहल के रूप में लॉन्च किया गया था। ये परियोजना 6 महीने की अवधि में लगभग एक लाख फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की कोशिश करती है। रेलवे के सभी 68 डिवीजनों से नामित एक हजार फ्रंटलाइन रेलवे कर्मचारियों को रेल मंत्रालय के तहत एक केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान, IRITM में ‘मास्टर ट्रेनर्स’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये ‘मास्टर ट्रेनर’ शेष रेलवे कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से फील्ड में प्रशिक्षित करेंगे। सभी प्रशिक्षित कर्मचारियों का मूल्यांकन एक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म का उपयोग करके किया जाएगा और उन्हें विधिवत प्रमाणित किया जाएगा। विकसित पाठ्यक्रम सामग्री को बाद में रेलवे कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए भारत सरकार के ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच IGOT पर भी शामिल किया जाएगा।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...