Mohan Bhagwat : आरएसएस प्रमुख ने शनिवार को कहा कि भटके और विमुक्त समुदाय का हर व्यक्ति हमारा अपना है, इसलिए यह मेरा कर्तव्य है कि मैं इस दृष्टिकोण के साथ इन लोगों के लिए कुछ करूं, ताकि उनके जीवन में सुधार आ सके। कभी ये समुदाय ज्ञान बांटने का काम करते थे।
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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि वे निस्वार्थ भाव से अपना ज्ञान बांटने के लिए बाहर जाते थे, लेकिन समय के साथ वे हाशिए पर चले गए। ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण पूरे पारधी समुदाय को अपराधी जनजाति घोषित कर दिया गया, जिससे वे विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गए।
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उन्होंने कहा, समाज में वंचित वर्गों की संख्या बढ़ गई। इसके बावजूद इन समुदायों ने कभी अधीनता स्वीकार नहीं की और वे लगातार स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते रहे। संघ कई सालों से पारधी समुदाय के विकास के लिए काम कर रहा है।
मोहन भागवत ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा, जिसमें हर व्यक्ति समान रूप से सक्षम और मजबूत हो। हर परिवार और हर व्यक्ति को शिक्षा और जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी होनी चाहिए, इसके लिए समस्त समाज को केवल सरकार पर निर्भर रहने के बजाय मिलकर काम करना चाहिए।
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