Delhi : दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को जोरदार हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई।✍️Arvind Kumar
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Delhi : दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को जोरदार हंगामे और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई। पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने नजर आए। आम आदमी पार्टी (AAP) और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, चार AAP विधायकों को मार्शल की मदद से सदन से बाहर किया गया और दिन के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ष 2022-23 की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी।
कार्यवाही शुरू होते ही AAP विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद AAP विधायक संजीव झा ने सत्ता पक्ष की टिप्पणियों का विरोध किया, जिससे सदन में हंगामा बढ़ गया। लगातार व्यवधान के कारण विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा और संजीव झा समेत चार AAP विधायकों को मार्शल की मदद से सदन से बाहर कर दिया गया।
सदन में दिल्ली के प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने विरोध दर्ज कराया। शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से गंभीरता के साथ चर्चा करने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह को भी मार्शल आउट करने का आदेश दिया गया। इसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।
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नेता प्रतिपक्ष आतिशी की गैरमौजूदगी को लेकर मंत्री कपिल मिश्रा और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सवाल उठाए। सत्ता पक्ष ने कहा कि विपक्ष को सदन में मौजूद रहकर सरकार से जवाब मांगना चाहिए, जबकि AAP विधायक संजीव झा ने इन टिप्पणियों का विरोध करते हुए सरकार पर राजनीतिक बयानबाजी का आरोप लगाया। इसी दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली दंगों और आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड से जुड़े ताहिर हुसैन के मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग की।
दिन के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वर्ष 2022-23 की CAG रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। रिपोर्ट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित रिपोर्टों को नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित समितियों को भेजा जाएगा।
मानसून सत्र के पहले दिन सदन में हंगामे, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यवाही एक साथ देखने को मिली। अब आगामी बैठकों में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
Disclaimer
यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक बयानों, आधिकारिक अभिलेखों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के विश्लेषण पर आधारित है। लेख में जिन आरोपों या दावों का उल्लेख किया गया है, उनमें से कई की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ऐसे दावों को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
✍️Arvind Kumar
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