शारदीय नवरात्रि की अष्टमी को दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी भी कहते हैं. इस अष्टमी का बड़ा महत्व है बंगाल में दुर्गा अष्टमी बहुत जोर-शोर से मनाते हैं. साथ ही तंत्र-मंत्र, टोटके और उपाय के लिए भी यह अष्टमी बहुत खास है. इस दिन किए गए उपाय जीवन में खूब सुख-समृद्धि लाते हैं और सफलता भी दिलाते हैं. आज हम महाअष्टमी के कुछ ऐसे ही उपाय जानते हैं.
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महाअष्टमी के उपाय
नवरात्रि की अष्टमी से कन्या पूजन का दौर शुरू हो जाता है, जो दशहरे तक चलता है. लेकिन महाअष्टमी और महानवमी के दिन कन्या पूजन करना सर्वश्रेष्ठ होता है. इस दिन मां दुर्गा के 9 रूपों की तरह 9 कन्याओं को सम्मानपूर्वक भोजन करवाकर उन्हें लाल रंग की चुनरी, नारियल, चावल और पैसे भेंट में दें. ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर खूब सुख-समृद्धि देती हैं.
अष्टमी की रात देवी की पूजा का बहुत महत्व है. नवरात्रि की अष्टमी की रात को मां दुर्गा की तस्वीर के आगे एक कलश में अशोक के पेड़ के 9 पत्ते डालकर ब्राह्मी, माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वारही, नरसिंही, इंद्राणी और चामुंडा देवी का आह्वान करें. फिर दुर्गा सप्तशती के मंत्रों का 108 बार जाप करें. इसके बाद रात को 12 बजे घर के मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीप जलाएं और पूरे घर में कलश का जल छिड़क दें. यह उपाय आपको हर काम में सफलता दिलाएगा.
यदि तमाम कोशिशों के बाद व्यापार या नौकरी में तरक्की नहीं मिल पा रही है तो अष्टमी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करके लाल रंग के कपड़े पहन लें. फिर लाल रंग की चुनरी में सिक्के और बताशे रखकर देवी मां को अर्पित करें. इससे सारी बाधाएं दूर होंगी और सफलता मिलने लगेगी.
दुर्गा अष्टमी के दिन पीपल के 11 पत्तों पर घी और सिंदूर मिलाकर राम का नाम लिखें. फिर इन्हें हनुमान जी को अर्पित करें. हर संकट दूर हो जाएगा.