Delhi : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को DRDO-इंडस्ट्री सिनर्जी मीट ‘विमर्श 2026’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने AI और साइबर क्षमताओं पर बात की, वहीं राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए MSME और स्टार्टअप की भूमिका को अहम बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि निगरानी, लॉजिस्टिक्स और युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है। यह स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा मौका है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में भी बहुत संभावनाएं हैं।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य की लड़ाई काफी हद तक AI और साइबर क्षमताओं पर आधारित होगी। मैं आप सभी से इन मौकों को पहचानने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और भारत की तकनीकी और रणनीतिक ताकत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आग्रह करता हूं। यही मेरी आप सभी से अपील है।
भविष्य की टेक्नोलॉजी में निवेश : रक्षा मंत्री
DRDO-इंडस्ट्री सिनर्जी मीट ‘विमर्श 2026’ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस सच्चाई से कोई इनकार नहीं कर सकता कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का लक्ष्य हासिल करने में MSME और स्टार्टअप की भूमिका बहुत अहम है। यही कंपनियां बड़े डिफेंस इकोसिस्टम के लिए कंपोनेंट्स और सब-सिस्टम से लेकर अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी तक सब कुछ विकसित कर रही हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘फोकस इंडस्ट्री के नेतृत्व में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने, स्टार्टअप और MSME के लिए फंडिंग और मेंटरशिप, एकेडेमिया-इंडस्ट्री सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, हाइपरसोनिक्स और डायरेक्टेड एनर्जी जैसी भविष्य की टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ाने पर है।’
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