UCC Statement : यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है।✍️Avinay Mishra
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UCC Statement : यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। इसी क्रम में चिराग पासवान ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना विविधतापूर्ण है। हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएं और रीति-रिवाज हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान ने स्वयं इसे स्वीकार किया है। पांचवीं-छठी अनुसूची, अनुच्छेद 371A व 371G, और अब तक की हर संहिता में अनुसूचित जनजातियों को दी गई छूट इसका प्रमाण है। ‘मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) समानता और विविधता दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रारूप सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का अवलोकन हो, व्यापक विचार-विमर्श हो।’
अमित शाह मुंबई में सेवा संकल्प अभियान को लेकर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने UCC को लेकर बयान दिया था। गृह मंत्री ने कहा था कि तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। ‘हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि साल 2029 के पहले भाजपा – NDA शासित सभी 21 प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने में सफल होंगे।’
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी और आरएसएस गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश कर रहे हैं। सबसे पहले यह समझना होगा कि BJP समानता के लिए UCC नहीं ला रही है। उन्होंने अपने राज्यों और सरकारी स्तर पर UCC सिर्फ भारत के 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए लागू किया है। ऐसा करके BJP और अमित शाह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता), 14 (समानता का अधिकार), 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।’
✍️Avinay Mishra
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