गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार में पांच बार कैबिनेट मंत्री और राजनीति के शीर्ष नेता पंडित हरिशंकर तिवारी की शनिवार को जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा की स्थापना की गई। पंडित हरिशंकर तिवारी का 88 साल की उम्र में 16 मई 2023 की रात को निधन हो गया था। शनिवार को गोरखपुर बड़हलगंज के नेशनल पीजी कॉलेज में पंडित हरिशंकर तिवारी की प्रतिमा का अनावरण किया गया।
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जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मौजूदगी में संपन्न हुआ समारोह
प्रतिमा का अनावरण जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के द्वारा किया गया। इस मौके पर जगतगुरु शंकराचार्य ने कहा कि पंडित हरिशंकर तिवारी ने हमेशा समस्या नहीं समाधान पर चर्चा की। हमेशा वह विकास को लेकर ही कार्य करते रहते थे। पुत्र कुशल तिवारी और विनय शंकर तिवारी द्वारा उनकी जयंती के अवसर पर पैतृक गांव टाडा (बड़हलगंज) नेशनल पीजी कॉलेज में मूर्ति का स्थापना की गई।
प्रेरणा का स्रोत है पिताजी का जीवनः विनय शंकर तिवारी
पंडित हरिशंकर के छोटे बेटे पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने बताया कि पिता जी का जीवन संघर्षों से भरा था। लोगों की मदद करना, विकास को अपना मुद्दा बनाना उनकी विशेषता थी। उनका जीवन प्रेरणा का स्रोत है। इसलिए उनकी प्रतिमा की स्थापना कराई गई है। पंडित हरिशंकर तिवारी की प्रतिमा कुशल कारीगरों द्वारा कांस्य की धातु से तैयार की गई है। जिसे जयपुर में तैयार करवाया गया है।
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पंडित हरिशंकर तिवारी के राजनीतिक सफर की बात करें तो हरिशंकर तिवारी सर्वप्रथम गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र नेता के रूप में उभरे थे। उनकी एक जननेता वाली छवि थी। वह लोगों की आर्थिक मदद करते, उनकी परेशानियों को सुनते और जनता दरबार लगाते। उन्होंने चिल्लूपार विधानसभा सीट से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में की और 2007 तक लगातार उस सीट से विधायक रहें।
सभी दलों के लिए प्रिय रहें पंडित हरि
शंकर तिवारी
यही वजह है कि आज भी लोग पंडित हरिशंकर तिवारी को एक जननेता के तौर पर याद करते हैं। वह सभी दलों के लिए प्रिय रहें। यही वजह थी कि सरकार चाहे किसी भी राजनीतिक दल की रही हो, पंडित जी को हमेशा मंत्री बनाया गया।