आज का विश्व एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहाँ संघर्ष, युद्ध और तनाव आम होते जा रहे हैं। चाहे वह क्षेत्रीय युद्ध हों, आर्थिक टकराव, वैचारिक मतभेद या महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा—हर तरफ अस्थिरता का माहौल दिखाई देता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर

