यूपी विधानमंडल के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में विपक्ष कानून-व्यवस्था समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहेगा. एसपी, बीएसपी व कांग्रेस ने हाल ही में लखीमपुर खीरी, गोंडा समेत अन्य जिलों में हुई घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी की है. विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, महिला उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि, किसानों की समस्याओं, संविधान की अनदेखी आदि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाएगा.सत्र को लेकर रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई. सर्वदलीय बैठक में एसपी नेताओं और आजम खां के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है.वहीं बसपा के नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि भले ही हम इकलौते विधायक हैं लेकिन पार्टी पूरी संजीदगी से सदन में अपनी बात रखेगें. सदन का समय काफी कम रखा गया है इसे बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.
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इस मानसून सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता भी शामिल होंगे. पांच दिवसीय सत्र में पहले दिन यानी 19 सितंबर को सदन में निधन निर्देश पारित किए जाएंगे. इसी के साथ दूसरे दिन यानी 20 सितंबर को औपचारिक कार्य किए जाएंगे साथ ही विभिन्न विधेयकों को भी यूपी सरकार सदन के पटल पर रखेगी. अगले तीन दिनों विधाई कार्यों और अन्य मुद्दों पर बात की जाएगी. साथ ही सत्र के दौरान तीन अध्यादेश को सदन में पेश किया जाएगा.