Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. जीवन मंत्रा
  3. Vishwakarma Puja 2022 date: विश्वकर्मा पूजा क्यो मनाया जाता है? पूजा का शुभ मुहूर्त , विधि, और महत्व,

Vishwakarma Puja 2022 date: विश्वकर्मा पूजा क्यो मनाया जाता है? पूजा का शुभ मुहूर्त , विधि, और महत्व,

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

Vishwakarma Puja 2022:हिन्दू धर्म मे पूजापाठ को काफी महत्व दिया जाता है,विश्वकर्मा पूजा के दिन गाड़ी,मशीन,औजार का पूजा किया जाता है, इस दिन ऑफिस कारखानो और मिलो मे भी पूरे विधि-विधान से पूजा पाठ किया जाता है, विश्वकर्मा (Vishwakarma) भगवान को कर्मो का देवता कहा जाता है, जिसका जैसा कर्म रहता है उसे वैसा शौहरत देते है

पढ़ें :- FCRA AMENDMENT BILL 2026 : विदेशी फंडिंग पर नया कानून...क्या बदलेगा? जानिए 1976 से 2026 तक पूरी कहानी

विश्वकर्मा (Vishwakarma) भगवान ने हस्तिनापुर,स्वर्गलोक,लंका और इंद्रपुरी आदि का निर्माण किया था, इसीलिए इन्हे निर्माण का भी देवता कहते है, इस साल विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाया जा रहा है, इस दिन ऑफिस कारखानो में विश्वकर्मा (Vishwakarma) भगवान का पूजा किया जाता है

विश्वकर्मा पूजाके दिन ऑफिस, कारखानो और मिलो मे पूजा पाठ करने के बाद ही मशीनों को काम में लिया जाता है,कई जगह इस दिन ऑफिस, कारखानो और मिलो को सुबह पूजा करके शाम को खोला जाता है,इस दिन जो लोग अपने घरो में गाड़ी रखे रहते है उसे अच्छी तरह साफ करके उसका विधि-विधान से पूजा करते है, काफी लोग पूजा करने के लिए पंडित जी को बुलाते है


विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma pujan vidhi)

इस दिन ऑफिस, गाड़ी, मशीन, औजार, कारखाना, और मिलो की अच्छे से साफ-सफाई करके जगह को सजाया जाता है,उसके बाद आसन लगाये और विश्वकर्मा भगवान की मूर्ति या फोटो की स्थापित करे ,फिर विश्वकर्मा जी को तिलक लगाकर उन्हे भोग लगाया जाता है उसके बाद दीपक जलाया जाता है

पढ़ें :- Indonesia : यात्रियों को लेकर जा रही नाव में लगी भीषण आग...5 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

पूजन सामग्री (Vishwakarma Pujan Samagri)
विश्वकर्मा जी को साबुत चावल, फल, रोली, सुपारी, धूप, दीपक, रक्षा सूत्र, दही, मिठाई, शस्त्र अर्पित करें. इसके बाद विश्वकर्मा जी को फूल चढ़ाते हुए बोले -हे विश्वकर्मा जी आएं और हमारी पूजा को स्वीकार करें. इसके बाद अपनी बिजनेस से जुड़ी चीजें, शस्त्र, आभूषण, औजार आदि में रोली और अक्षत लगाकर फूल चढ़ाएं,इस दिन विशेष रूप से लड्डू और बुनिया का भोग लगाया जाता है,पूजा खत्म होने के बाद सभी को प्रसाद जरूर बांटे

Advertisement