नाम बदलकर शादी करनें और युवती से गैंगरेप करने के आरोपी आरजू मल्लिक के अवैध मकान को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया. बीएसएल व पुलिस अनुशंसा पर एसडीओ कोर्ट ने यह आदेश दिया.बोकारो पुलिस ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तर्ज पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है.
बोकारो पुलिस के रिकॉर्ड में जमुई मूल के आरजू मल्लिक को संगीन अपराधी की श्रेणी में रखा गया है, जो बीएसएल की जमीन पर कब्जा कर आलीशान घर बनाया था. वह यहां से अपराध का संचालन करता था. बोकारो रेलवे, गुड्स साइड व जिले के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर रहा था. वह आर्थिक अपराध में वर्चस्व के लिए गैंगवार में वीरेंद्र सिंह व रामू सिंह दोहरे हत्याकांड में आरोपी रह चुका है.
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बोकारो की ही रहने वाली एक युवती का आरोप है कि 2021 में आरजू मल्लिक ने पहले नाम बदल कर उससे दोस्ती की थी, फिर प्रेम जाल में फंसा के बाद एक भाड़े के मकान में उसे अपने साथ ले गया. वहां उसने उससे धोखे से शादी कर ली. शादी के बाद उसने उसके साथ संबंध भी बनाया, इस क्रम में आरोपी ने उक्त युवती को ब्लैकमेल करने की नीयत से वीडियो भी बना लिया. जब युवती को पता चला कि आरजू मल्लिक दूसरे धर्म का है, तो उसने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. तो आरजू ने युवती को अपने दोस्तों को सौंप दिया, उसके दोस्तों ने भी उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया. आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता ने बोकारो के महिला थाने में केस दर्ज कराया था.