Parliament : संसद के मानसून सत्र के समापन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सत्र को दो नजरियों से देखा जा सकता है।
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Parliament : संसद के मानसून सत्र के समापन के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सत्र को दो नजरियों से देखा जा सकता है। किरेन रिजिजू ने कहा, “आज मानसून सत्र का समापन हुआ। हम इसे दो नजरिए से देखते हैं। कामकाज के लिहाज से यह सत्र बहुत सफल रहा। हमने कुल 12 बिल पास किए, लेकिन चर्चा और बहस के मामले में यह सत्र उतना सफल नहीं रहा।”
उन्होंने बताया, “लोकसभा में निर्धारित समय की तुलना में केवल 19 प्रतिशत उत्पादकता हासिल हुई। राज्यसभा में 39 प्रतिशत रही। राज्यसभा में कभी-कभी विपक्षी पार्टी हंगामा करके वॉक आउट भी कीं।” किरेन रिजिजू ने कहा, “लोकसभा में सिर्फ एक बिल पर चर्चा हो पाई। नकल रोकने को लेकर जो बिल आया उस पर। लोकसभा में इसके अलावा कोई अच्छी चर्चा नहीं हुई। चर्चा की दृष्टि से हम खुश नहीं।”
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किरेन रिजिजू ने सदन में विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, मेरा तीन दशक का अनुभव है संसद का। ये पहली बार देखा विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। पहली बार सरकार कह रही है चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष भाग गया।” उन्होंने कहा कि ऐसा नजारा पहले कभी नहीं देखा गया। “ये नया चीज देखने को मिला ये कल्पना से बाहर है।”
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस के सांसद सोचते हैं, उनका काम नारा लगाना और कार्ड लेकर हंगामा करना यही रह गया है। सुबह सुबह उठते हैं संसद में पहुंचते हैं नारा लगाते हैं।” किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के नए सांसदों के लिए बुरा लग रहा है। कांग्रेस के सांसदों का दर्द मैं समझ सकता हूं। चर्चा नहीं होगी तो सीखेंगे कैसे?
केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले सत्र में स्थिति बेहतर होगी। उन्होंने कहा, ” जब हम शीतकालीन सत्र के लिए मिलेंगे चर्चा होगी ऐसी में उम्मीद करता हूं।” मानसून सत्र में सरकार ने कुल 12 विधेयक पास कराए, लेकिन हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन में सार्थक बहस नहीं हो पाई।
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