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रोनाल्डो और मेसी की मैदान पर बेहतर करने की भूख युवाओं के लिए प्रेरणा है: सुनील छेत्री

सुनील छेत्री ने कहा, "मेसी और रोनाल्डो करीब 40 साल के हैं। उनका वैश्विक मंच पर इस तरह प्रदर्शन करना अविश्वसनीय है। अगर युवा फुटबॉलरों को उनसे कोई एक चीज सीखनी चाहिए, तो वह है उनकी भूख। उन्होंने फुटबॉल में लगभग सब कुछ जीता है, लेकिन वे अब भी उसी इच्छा और प्रतिबद्धता के साथ खेलते हैं।

By HO BUREAU 

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दिग्गज भारतीय फुटबॉलर सुनील छेत्री ने अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो की प्रशंसा करते हुए कहा है कि इतने लंबे और सफल करियर के बाद भी ऊंचे स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की इच्छाशक्ति ही इन दोनों खिलाड़ियों को खास बनाती है। सुनील छेत्री ने कहा, “मेसी और रोनाल्डो करीब 40 साल के हैं। उनका वैश्विक मंच पर इस तरह प्रदर्शन करना अविश्वसनीय है। अगर युवा फुटबॉलरों को उनसे कोई एक चीज सीखनी चाहिए, तो वह है उनकी भूख। उन्होंने फुटबॉल में लगभग सब कुछ जीता है, लेकिन वे अब भी उसी इच्छा और प्रतिबद्धता के साथ खेलते हैं।”

पढ़ें :- फीफा वर्ल्ड कप: साउथ अफ्रीका ने पहली बार नॉकआउट स्टेज में बनाई जगह, साउथ कोरिया को 1-0 से हराया

 

टूर्नामेंट के अपने पसंदीदा पलों के बारे में पूछे जाने पर, छेत्री ने मेसी की यादगार हैट्रिक, जापान की 4-0 की जबरदस्त जीत और मोरक्को-स्कॉटलैंड के मैच का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मेसी की हैट्रिक ने सभी को याद दिलाया कि वह इस खेल को खेलने वाले सबसे महान खिलाड़ियों में से एक क्यों हैं। जापान की 4-0 की जीत एक और खास पल था क्योंकि इसने दिखाया कि एशियाई फुटबॉल कितना आगे बढ़ गया है। मोरक्को बनाम स्कॉटलैंड का मैच लाइव देखने के लिए शानदार था, क्योंकि माहौल और क्वालिटी दोनों ही बेहतरीन रहा।”

 

मुझे नहीं लगता कि पीढ़ियों के बीच कोई मुकाबला है : सुनील छेत्री

छेत्री का मानना ​​है कि फुटबॉल फैंस खुशकिस्मत हैं कि उन्हें मेस्सी और रोनाल्डो के शानदार करियर के आखिरी चैप्टर और काइलियन एम्बाप्पे और एर्लिंग हालैंड की लीडरशिप में एक नई पीढ़ी का उदय देखने को मिलेगा। छेत्री ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि पीढ़ियों के बीच कोई मुकाबला है। मेसी और रोनाल्डो ने अपनी अलग पहचान बनाई है, जबकि एम्बाप्पे, हालैंड और दूसरे अपनी अलग कहानी बनाएंगे। बस आप उन्हें देखें और आनंद लें। आपको कभी नहीं पता कि आपको मेसी और रोनाल्डो को इस तरह के स्टेज पर देखने के और कितने मौके मिलेंगे।” दुनिया के बड़े फॉरवर्ड खिलाड़ियों पर के प्रदर्शन पर छेत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि किसी ने निराश नहीं किया है। मेसी, रोनाल्डो, हालैंड, एम्बाप्पे, हैरी केन, इसाक, ग्योकेरेस, जिनके बारे में भी टूर्नामेंट से पहले बात की गई थी, सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। किसी बड़े टूर्नामेंट में इतनी जल्दी सभी बड़े नामों का प्रदर्शन आना साधारण नहीं है। यह फुटबॉल फैंस के लिए बहुत अच्छा रहा है।”

 

मेसी विश्व कप के इतिहास में 18 गोल के साथ सबसे सफल खिलाड़ी बने

फीफा विश्व कप 2026 में दुनिया के सभी मौजूदा बड़े फॉरवर्डों ने अपने प्रदर्शन से फैंस को रोमांचित किया है। 2 मैच में पांच गोल करने वाले मेसी विश्व कप के इतिहास में 18 गोल के साथ सबसे सफल खिलाड़ी बन गए। उन्होंने जर्मनी के पूर्व फॉरवर्ड मिरोस्लाव क्लोस को पीछे छोड़ा, जिनके नाम सर्वाधिक 16 गोल का रिकॉर्ड था। दूसरी तरफ, रोनाल्डो छह अलग-अलग फीफा विश्व कप (जर्मनी 2006, दक्षिण अफ्रीका 2010, ब्राजील 2014, रूस 2018, कतर 2022, और अब यूएसए-मेक्सिको-कनाडा 2026) में गोल करने वाले इतिहास के पहले फुटबॉलर बन गए। पहले मैच में गोल से चूके रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए दूसरे मैच में उज्बेकिस्तान के खिलाफ 2 गोल किए और टीम की 5-0 की जीत में यादगार भूमिका निभाई।

41 साल और 138 दिन के रोनाल्डो वर्ल्ड कप के इतिहास में कैमरून के रोजर मिला के बाद दूसरे सबसे उम्रदराज गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। रोजर ने 1994 में 42 साल और 39 दिन की उम्र में गोल किया था। काइलियन एम्बाप्पे ने फीफा विश्व कप के दौरान ही फ्रांस के लिए अपने 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह फ्रांस के दसवें खिलाड़ी बन गए। नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड ने 2 मैचों में 4 गोल करते हुए अपनी टीम को अगले राउंड में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

 

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