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अरुणाचल प्रदेश : बर्फीले तूफान में फंसे सेना के 7 जवान शहीद, सभी जवानों की पार्थिव देह बरामद

भारतीय सेना की ओर से एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के सातों जवानों की मौत की पुष्टि हो गई है और उनकी पार्थिव देह हिमस्खलन स्थल से निकाल ली गई हैं।

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

नई दिल्ली, 08 फरवरी। अरुणाचल प्रदेश में बर्फीले तूफान में 6 फरवरी की शाम को फंसे सेना के सातों जवान शहीद हो गए हैं। गश्ती दल के सभी 7 जवानों की पार्थिव देह भारतीय सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मंगलवार को बरामद कर ली हैं। हिमस्खलन के बाद से 19 जेएके राइफल्स के जवानों को तलाशने के लिए सेना ने विशेष टीमों को एयरलिफ्ट करके खोज और बचाव कार्य शुरू किया था।

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6 फरवरी को हिमस्खलन में फंसे थे जवान

भारतीय सेना की ओर से एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि हिमस्खलन की चपेट में आए सेना के सातों जवानों की मौत की पुष्टि हो गई है और उनकी पार्थिव देह हिमस्खलन स्थल से निकाल ली गई हैं। बयान में कहा गया है कि 6 फरवरी, 2022 को अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर के ऊंचाई वाले इलाके में हिमस्खलन के कारण गश्ती दल के 7 भारतीय जवान फंस गए थे। उसके बाद जब सेना के इस गश्ती दल से संपर्क नहीं हो सका तो तुरंत एक एक्सपर्ट टीम क्विक रेस्पॉन्स के लिए मौके पर लगाई गई। विशेष टीमों के एयरलिफ्टिंग के साथ ही तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया था।

सातों जवानों की पार्थिव देह हिमस्खलन स्थल से बरामद

सेना ने ये भी कहा कि ऊंचाई पर तैनात जवान परिचालन चुनौतियों का सामना करने के लिए हाईटेक गैजेट्स, सर्विलांस ड्रोन, नाइट विजिल कैमरा, थर्मल इमेजिंग ट्रेसर, हेलीकॉप्टर, स्नो स्कूटर, हिमस्खलन डिटेक्टर का इस्तेमाल करते हैं। सेना ने बयान में कहा है कि अब खोज और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। सभी सातों जवानों की पार्थिव देह हिमस्खलन स्थल से बरामद कर ली गई हैं। 14 हजार 500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम के साथ भारी बर्फबारी हो रही थी। सैनिकों की पार्थिव देह को आगे की औपचारिकताओं के लिए हिमस्खलन स्थल से पास के सैन्य अस्पताल में भेजा गया है।

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पश्चिम कामेंग जिले की पुलिस के मुताबिक हिमस्खलन की ये घटना तवांग जिले के जंग पुलिस स्टेशन के तहत LAC के साथ जंगदा बस्ती से लगभग 35 किलोमीटर दूर के मैमी हट इलाके के पास हुई। 6 फरवरी को घटना के बाद सेना के अधिकारियों ने जंग थाने को सूचना दी थी, लेकिन ये क्षेत्र बहुत दूर होने और बर्फबारी के कारण सभी सड़कें बाधित हो गई हैं। इस बार डारिया हिल में बर्फबारी ने 34 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां इससे पहले 1988 में इतनी बर्फबारी हुई थी। अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले के रूपा शहर में दो दशक बाद बर्फबारी हुई है।

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