रांची। झारखंड के बीजेपी नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर एनआरसी की जरूरत बताई है। उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश से घुसपैठ करने वाले नागरिकों को पहले संथाल परगना के तमाम मदरसों में ठहराया जाता है।
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संथाल परगना के विभिन्न मदरसों में ठहराने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट करते हुए कहा कि झारखंड हाईकोर्ट में बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एक गंभीर बात कही गई। कोर्ट को बताया गया कि बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को पहले संथाल परगना के विभिन्न मदरसों में ठहराया जाता है। उनका सरकारी दस्तावेज तैयार करवाया जाता है।
इनका नाम मतदाता सूची में डलवाया जाता है और फिर एक साजिश के तहत उन्हें वहां बसाया जाता है। सोचिए जहां घुसपैठिए वोटर होंगे, वहाँ की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था का क्या हाल होगा? इसीलिए एनआरसी ज़रूरी है।
हालांकि हाइकोर्ट ने दोनों पक्षों को 19 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि संताल परगना के साहिबगंज,पाकुड़,गोड्डा, जामताड़ा और दुमका जैसे जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठ हो रही है। लेकिन झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार इससे इनकार करती रही है।