Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि 'न्यायपालिका को कोई भी डरा-धमका नहीं सकता। राहुल गांधी को अपने आचरण पर सफाई देनी होगी।'✍️Avinay Mishra
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Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि ‘न्यायपालिका को कोई भी डरा-धमका नहीं सकता। राहुल गांधी को अपने आचरण पर सफाई देनी होगी।’ कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट मार्च और इस दौरान हुई अवस्था को लेकर यह टिप्पणी की है। इस कदम को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसके साथ ही याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को नोटिस जारी किया है।
बता दें कि SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर INDIA गठबंधन और AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी की ओर से याचिका दायर की गई थी। दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भी नोटिस जारी किया है।
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था। पहले राहुल गांधी ने सीजेआई से मिलने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया था। सीजेआई की ओर से कांग्रेस नेताओं को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि ‘देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खुले हैं। दरअसल भारत में CJI का काम अदालत में मामलों की सुनवाई और उन पर फैसला देना है। ऐसे में आम नागरिक अपनी बात सीजेआई तक पहुंचा तो सकते हैं, मगर उन्हें मुलाकात का अधिकार नहीं है।’
इसके बाद इंडिया गठबंधन के नेता सुप्रीम कोर्ट के परिसर में पहुंचे थे। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और खरगे आदि कई इंडिया गठबंधन के नेता शामिल थे। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और “वोट चोरी” के आरोपों को लेकर राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त याचिका दायर की थी।
SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने विपक्षी नेताओं की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया।
पीठ ने कहा कि ‘हम नोटिस जारी कर रहे हैं और इसे पहले से लंबित मामलों के साथ जोड़ रहे हैं, लेकिन हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उनके आचरण के बारे में पूछना चाहेंगे। ये कमजोर प्रयास हैं, जिन पर कोई ध्यान नहीं देता। बाहर वे बयान देते हैं। हम कोई अलग दुनिया में नहीं रहते हैं। हमें भी चीजों की जानकारी है।’
✍️Avinay Mishra
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