Delhi : दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च को रोकने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। यह याचिका रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह ने दायर की थी। याचिका में मांग की गई थी कि BRICS समिट के मद्देनजर मार्च को 12-13 सितंबर के बाद तक टालने का निर्देश दिया जाए।
पढ़ें :- PM मोदी के 25 साल, दिल्ली सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’
अभी कोई ठोस वजह नहीं
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रिजवान अहमद ने दलील दी कि अंतरराष्ट्रीय BRICS समिट से पहले दिल्ली में बड़े प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर परेशानी हो सकती है। उन्होंने मार्च के लिए पुलिस अनुमति नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि फिलहाल ऐसा मानने के लिए कोई ठोस परिस्थिति नहीं है कि मार्च के दौरान कुछ अप्रिय होगा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केंद्र और दिल्ली सरकार तथा पुलिस की जिम्मेदारी है। अदालत ने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहने की उम्मीद जताई। मामले को संबंधित याचिकाओं के साथ 10 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
Disclaimer
इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।
पढ़ें :- साइकिल घोटाले के आरोपों पर BJP का AAP पर पलटवार, कहा - ‘राजनीति के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है AAP’
देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।