Gaurav Bhtaia : पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है।✍️अरविंद कुमार
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Gaurav Bhtaia : पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल और उनकी मांगों को लेकर बीजेपी ने भगवंत मान सरकार और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए AAP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अभी से गर्म होने लगा है। आम आदमी पार्टी की सरकार के सामने अब सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी भी बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। सरकार बनने से पहले AAP ने पंजाब की जनता और कर्मचारियों से कई बड़े वादे किए थे। बीजेपी का आरोप है कि इन वादों के पूरा नहीं होने के चलते अब कर्मचारी सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
27 अगस्त को पंजाब में तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने राज्यव्यापी महा-हड़ताल की थी। कर्मचारी 18 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ता (DA) और पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। बीजेपी के मुताबिक, हड़ताल में शामिल और ड्यूटी से अनुपस्थित रहे 2,500 से अधिक कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरा। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी आंदोलन करती है तो उसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया जाता है, लेकिन जब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह दोहरा मापदंड क्यों?
गौरव भाटिया ने अरविंद केजरीवाल को पंजाब का ‘सुपर सीएम’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों से बातचीत करने के बजाय कार्रवाई का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता ने पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें दिखाते हुए लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले AAP ने कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने के वादे किए थे, लेकिन अब सरकार उन्हीं वादों से पीछे हटती नजर आ रही है।
कर्मचारियों की नाराजगी और विपक्ष के हमले ने पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारी मुद्दा आने वाले दिनों में AAP और बीजेपी के बीच बड़े सियासी टकराव का कारण बन सकता है।
✍️अरविंद कुमार
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