प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सभी देव देवलोक से उतरकर भगवान शिव की नगरी काशी में गंगा के घाटों पर आकर भगवान शिव की विजय की खुशी में दिवाली मनाते हैं. इस दिन माता गंगा की पूजा की जाती है. काशी के रविदास घाट से लेरप राजघाट तक लाखों दीए जलाए जाते हैं.
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सोमवार को महादेव की नगरी काशी में देव दीपावली का आयोजन पूरे हर्ष और उल्लास के साथ किया गया और गंगा किनारे 84 घाटों पर 10 लाख दीपक जलाए गये. काशी के निवासियों की सहायता शहर में करीब 11 लाख दीपक जलाये गए. वैसे तो देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा की शाम को मनाई जाती है, लेकिन आज चंद्र ग्रहण की वजह से देव दिवाली कल ही मनाई गई.
पीएम मोदी ने दी देव दीपावली की बधाई
वहीं वाराणसी से सांसद और प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने भी देव दीपावली पर बधाई दी. उन्होंने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि, “भारत की प्राचीन संस्कृति, अध्यात्म और परंपरा के प्रतीक पर्व कार्तिक पूर्णिमा एवं देव दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं. पवित्र स्नान और दीपदान से जुड़ा यह अवसर हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करे.”
भारत की प्राचीन संस्कृति, अध्यात्म और परंपरा के प्रतीक पर्व कार्तिक पूर्णिमा एवं देव दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। पवित्र स्नान और दीपदान से जुड़ा यह अवसर हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करे।
— Narendra Modi (@narendramodi) November 7, 2022
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84 घाटों पर जलाये गए लाखों दिए
जिला प्रशासन के अनुसार प्रदेश सरकार की ओर से गंगा नदी के किनारे के 84 घाटों पर 10 लाख दीये जलाए गए, वहीं जनसहभागिता से लगभग 11 लाख दीये जलाए गए. जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि देव दीपावली के अवसर पर गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित 84 घाटों पर करीब आठ लाख दीये जलाए गए हैं. साथ ही पूर्वी तट को भी करीब दो लाख दीयों से रोशन किया गया. वहीं शहर वासियों ने पूरे शहर को लगभग 11 लाख दीयों से सजाया है. शहर के मंदिरों, तालाबों और अन्य जगहों को शहरवासियों ने दीयों से जगमग किया गया.
पीएम मोदी ने भी एक अन्य ट्वीट करते हुए देव दीपावली वाराणसी के जगमगाते हुए घाटों के कुछ फोटो साझा किए.
काशी की अद्भुत और अलौकिक देव दीपावली अभिभूत करने वाली है! इस प्राचीन और पवित्र नगरी में उत्सव की कुछ झलकियां… pic.twitter.com/wixPXUxiML
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— Narendra Modi (@narendramodi) November 7, 2022