Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए

By इंडिया वॉइस 

Updated Date

Earthquake In Andaman Nicobar: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में गुरुवार को रिक्टर पैमाने पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन से 10 किमी नीचे थी।

पढ़ें :- वेनेजुएला में दोहरे भूकंप का कहर, मौतों का आंकड़ा 10 हजार के पार जाने की आशंका

“परिमाण का भूकंप: 4.3, 10-11-2022, 02:29:36 IST, अक्षांश: 9.45 और लंबा: 93.44, गहराई: 10 किमी, स्थान: 253 किमी एसएसई, पोर्टब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप, भारत में हुआ,” एनसीएस ने ट्वीट किया।

पढ़ें :- मानवीय दृष्टिकोणः दुख की घड़ी में नेपाल के साथ है भारत, देंगे हर संभव मदद : पीएम मोदी 

भूकंप के कारण किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।

बता दें कि, नेपाल में भूकंप के कारण हुए अलग-अलग हादसों में 6 लोगों की मौत हो गई. भूकंप आने की मुख्य वजह धरती के अंदर टेक्टॉनिक प्लेटों का खिसकना या एक दूसरे से टकरना है. धरती के भीतर सात टेक्टॉनिक प्लेटों प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं. जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं. सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं. इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप कहते हैं. रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और इसके झटके महसूस नहीं किए जाते. एक रिपोर्ट के मुताबिक माइक्रो कैटेगरी के 8000 से ज्यादा भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज होते हैं.

इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है. ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं. इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते. वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं. इन्हें महसूस तो किया जाता है, लेकिन नुकसान नहीं पहुंचता. लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं. इन झटकों को महसूस किया जाता है. हालांकि इनसे भी न के बराबर नुकसान होता है. रिक्टर स्केल पर 4.9 से ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप खतरनाक होते हैं और इनके आने से अधिकतर बार तबाही मचती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि भूकंप का केंद्र कहां रहता है.

Advertisement