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ईरान के शिराज में स्थित मस्जिद पर आतंकी हमले में 15 की मौत, 40 घायल, 2 बंदूकधारी पकड़े गए

By इंडिया वॉइस 

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Iran Attack: इस बार ईरान में आतंकियों ने मचाया कोहराम। ईरान के दक्षिणी शहर शिराज में बंदूकधारियों ने बुधवार यानी 26 अक्टूबर को एक प्रमुख शिया पवित्र स्थल पर गोलियां चलाईं. इसमें कम से कम 15 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए. स्टेट टीवी ने हमले के लिए ‘तकफिरियों’ को जिम्मेदार ठहराया. ये शब्द सुन्नी मुस्लिम चरमपंथियों के लिए उपयोग किया जाता है जिन्होंने अतीत में देश के शिया बहुमत को निशाना बनाया है. हमले का हिजाब विरोधी प्रदर्शनों से कोई लेना-देना नहीं है.

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बता दें कि, हमले के बाद दो बंदूकधारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरा फरार है. हमला ईरान के दूसरे सबसे पवित्र स्थल शाह चेराग मस्जिद पर हुआ. सरकारी IRNA समाचार एजेंसी ने मरने वालों की संख्या की सूचना दी और स्टेट टीवी ने कहा कि 40 लोग घायल हुए हैं. गौरतलब है कि ईरान में सुन्नी चरमपंथी अतीत में अकसर शिया मुसलमानों के पवित्र स्थलों को निशाना बनाते रहे हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले बुधवार को ही हजारों प्रदर्शनकारी 22 साल की महसा अमिनी की हिरासत में मौत के 40 दिन पूरे होने पर सड़कों पर उतर आए. बता दें कि शिया मुसलमानों में मृत्यु के बाद तमाम रीति-रिवाज होते हैं और मौत के 40 दिन पूरे होने पर फिर से शोक मनाया जाता है. अमीनी के कुर्द पैतृक शहर साकेज में उसके कब्र तक पहुंचने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं. सरकार से जुड़ी मीडिया के अनुसार, अमीनी की कब्र तक पहुंचने वाले जुलूस में 10,000 प्रदर्शनकारी शामिल थे. महिलाओं ने अपने हिजाब उतार दिए और उन्हें अपने सिर के ऊपर हवा में घुमाया.

ईरान में जारी है विरोध प्रदर्शन
22 वर्षीय अमीनी की मौत की घटना ने एक दशक से अधिक समय में ईरान के सबसे बड़े सरकार विरोधी आंदोलन को जन्म दिया है. प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे थे- तानाशाह मुर्दाबाद. तेहरान में दुकानें बंद हो गईं थीं और दंगा नियंत्रण पुलिस हरकत में आ गई. देश में महिलाओं के सख्त ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के मामले में अमीनी को हिरासत में लिया गया था.

2008 में हुआ था धमाका, 14 की हुई थी मौत
ईरानी मीडिया ने बताया है कि हमलावर ईरानी नागरिक नहीं थे. शिराज तीर्थ यात्रा और पर्यटन के लिए एक लोकप्रिय स्थान है. इस शहर में ऐसा आखिरी हमला अप्रैल 2008 में हुआ था, जब एक मस्जिद में बम लगाया गया था. उस हमले में 14 लोग मारे गए थे.

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