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Jharkhand : सीएम सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा पर ED का शिकंजा, अब तक की कार्रवाई में ED ने सीज किए कुल 36 करोड़ 58 लाख रुपए

झारखंड में पिछले 2 महीनों से चल रही ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई पर जारी की गई पहले अधिकारिक सूचना। पूजा सिंघल, पंकज मिश्रा और उनके करीबियों के पास से 36.58 करोड़ ज़ब्त करने की पुष्टि की।

By इंडिया वॉइस 
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रांची, 15 जुलाई। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने खुलासा किया है कि जांच एजेंसी ने झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा सहित कई के खातों से 11.88 करोड़ रुपये को सीज किया है। ED झारखंड में करीब 100 करोड़ के अवैध खनन से जुड़े मामले की जांच में जुटी है। मिली जानकारी के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अवैध खनन मामले में कई बैंक खातों में पड़े 11.88 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। जिसमें सीएम के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, डहू यादव और इन लोगों के सहयोगियों के 37 बैंक खातों से ये राशि जब्त की गई है। वहीं अब कार्रवाई के बाद से पंकज मिश्रा पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। ED पंकज मिश्रा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर सकती है। पंकज मिश्रा के अलावे डहू यादव समेत कुछ और कारोबारियों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अवैध खनन मामले में ED को बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने के सबूत मिले हैं।

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ED ने बताया है कि ये कार्रवाई पिछली 8 जुलाई को झारखंड के साहिबगंज, राजमहल, बरहेत, मिर्जा चौकी और बड़हरवा समेत 19 ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद की गई है। जांच एजेंसी ने बताया है कि इस छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और बिना हिसाब-किताब के रखे गए 5.34 करोड़ रुपये भी बरामद किए हैं। जांच एजेंसी ने बताया है कि 11.88 करोड़ रुपए की राशि 37 बैंक खातों में पंकज मिश्रा, दाहू यादव और उनके सहयोगियों के नाम पर जमा थे, जिन्हें अवैध खनन मामले में मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत सीज किया गया है। रेड के दौरान 5 स्टोन क्रशर्स जिनका अवैध खनन में इस्तेमाल किया जाता था और इतनी ही मात्रा में अवैध बंदूकों के कारतूस भी जब्त किए गए हैं। ED ने कहा है कि इन छापों के दौरान अवैध खनन से करीब 100 करोड़ रुपये की गड़बड़ी करने का भी खुलासा हुआ है।

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वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि मई, 2022 में पीएमएलए के तहत मनरेगा घोटाले से जुड़े 36 स्थानों पर तलाशी ली गई थी, जिसके तहत 19.76 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे। इनमें निलंबित IAS पूजा सिंघल और उनके सहयोगियों के परिसर शामिल थे। इस मामले में भी जांच के दौरान सबूत जुटाए गए हैं, तलाशी के दौरान इकट्ठे किए गए सबूत और कई व्यक्तियों के बयानों से पता चला है कि जब्त नकदी का बड़ा हिस्सा अवैध खनन से हासिल हुआ था, जो कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनेताओं से संबंधित था। इस मामले में पूजा सिंघल और CA सुमन कुमार को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वो दोनों न्यायिक हिरासत में हैं।

गौरतलब है कि साल 2000 बैच की IAS अधिकारी पूजा सिंघल उस समय झारखंड में माइनिंग सचिव के रूप तैनात थीं। ED ने जब उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कि तो राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। उसी दौरान पूजा सिंघल और उनके पति से जुड़े एक चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार को भी जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। उस समय भी छापेमारी के दौरान ईडी ने 19.76 करोड़ रुपये नकद जब्त किए थे। इस मामले में पूजा सिंघल और उनके सहयोगियों के खिलाफ रांची के पीएमएलए कोर्ट में जांच एजेंसी ने इसी महीने चार्जशीट दाखिल की है। ED ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच के दौरान ये बात सामने आई है कि जब्त की गई राशि का एक बड़ा हिस्सा अवैध खनने से अर्जित किया गया था और इसमें कुछ बड़े नौकरशाहों और राजनेताओं का भी हिस्सा था।

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