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14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजे गए लिंगायत मठ के संत शिवमूर्ति मुरुगा की तबीयत बिगड़ी

Lingayat seer Shivamurthy Sharanaru: नाबालिक बच्चियों के रेप के आरोपी लिंगायत मठ के संत शिवमूर्ति मुरुगा जेल जाने के तुरंत बाद उन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो गयी थीं, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

By रुचि उपाध्याय 
Updated Date

Karnataka News: नाबालिग बच्चियों के रेप के आरोपी मुरुगा मठ के मठाधीश शिवमूर्ति मुरुगा जेल जाने के तुरंत बाद उन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो गयी थीं, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण के आरोप मे लिंगायत मठ के साधु शिवमूर्ति मुरुघ शरणारू को चित्रदुर्ग पुलिस ने गुरुवार रात को गिरफ्तार कर लिया था। कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में जगद्गुरु मुरुगराजेंद्र विद्यापीठ के मुख्य पुजारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

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यौन शोषण के लगे हैं आरोप
उनके खिलाफ 2019 और 2022 के बीच दो नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो मठ के छात्रावास में रह रही थीं।

गुरूवार को रात करीब 10 बजे अपने भक्तों से मिलने के बाद पुजारी को मठ से हिरासत में ले लिया गया। बाद में उन्हें उप पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया।

गिरफ्तारी कई संगठनों के साथ-साथ नागरिकों द्वारा द्रष्टा के खिलाफ सरकार की निष्क्रियता के विरोध के बाद हुई है। द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, कई दलित संगठन भी उनकी गिरफ्तारी की मांग के विरोध में सामने आए, जब यह सामने आया कि उनमें से एक लड़की दलित थी।

गुरुवार को मुरुघा ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था और सत्र अदालत ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी थी।

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26 अगस्त को, मैसूर पुलिस ने उसे यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया था, जो बलात्कार से संबंधित है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आरोप भी जोड़े गए।

मैसूर पहुंचने के बाद, लड़कियों ने पहले मानव तस्करी पर काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन से संपर्क किया था, और बाद में उसने राज्य बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) से संपर्क किया, जिसने पुलिस शिकायत दर्ज की।

लड़कियों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि महंत उन्हें किसी बहाने अपने चैंबर में बुलाता था और फिर उनका यौन शोषण करता था। एक लड़की का आरोप है कि साधु ने उसके साथ पिछले साढ़े तीन साल से और दूसरे के साथ पिछले डेढ़ साल से यौन शोषण किया । जिनकी उम्र 15 और 16 साल की है।

मुरुगा से अज्ञात स्थल पर की पूछताछ
राज्य में लिंगायत समुदाय के सबसे प्रतिष्ठित एवं प्रभावशाली मठों में से एक के मठाधीश से पुलिस उपाधीक्षक अनिल कुमार ने एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की। कुमार इस मामले में जांच अधिकारी हैं। इसके बाद मठाधीश को चिकित्सा जांच के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया और प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास पर उन्हें पेश किया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुरुघा मठ के मठाधीश के साथ ही चार अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से एक व्यक्ति ‘सांत्वना केंद्र’ में काम करता है। एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। दो आरोपी लापता हैं तथा उनकी तलाश की जा रही है।

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