नई दिल्ली। मणिपुर की घटना ने गुरुवार को ससंद की कार्यवाही पर ब्रेक लगा दिया। हंगामे के कारण मानसून सत्र के पहले दिन ही लोकसभा नहीं चली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सदस्य गैलरी में जमा हो गए और मणिपुर की घटनाओं को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
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पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों को नियम 377 के तहत मामले को लिखित में पटल पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि हम यह रिकॉर्ड पर कहना चाहते हैं और सदन के उपनेता राजनाथ सिंह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार दोनों सदनों में मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी मणिपुर की घटनाओं पर चर्चा करने के लिए तैयार है।
कहा कि गृह मंत्री भी विस्तार से इसका उत्तर देना चाहते हैं। इसके लिए हम विपक्ष से सुचारु रूप से सदन चलाने का आग्रह करते हैं। लेकिन हंगामा नहीं रुका और नारेबाजी चलती रही। इस पर सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी गई।