Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी के लाखों परिवारों को बड़ी राहत देने वाला फैसला किया है। दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में संशोधन को मंजूरी देते हुए सरकार ने 2 लाख 30 हजार घरों में मुफ्त सोलर पैनल लगाने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि सोलर पैनल लगाने के साथ-साथ उसके रखरखाव का खर्च भी सरकार खुद उठाएगी।
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कैबिनेट में बड़ा फैसला
दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में दूसरे संशोधन को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अपनी ओर से अतिरिक्त सहायता देने का फैसला किया है।
किसे मिलेगा मुफ्त सोलर पैनल?
सरकार के मुताबिक, 400 यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले पात्र परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल लगाने का लाभ दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य करीब 2 लाख 30 हजार घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।
इस योजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सोलर पैनल के रखरखाव की जिम्मेदारी भी सरकार उठाएगी, जिससे लाभार्थियों पर भविष्य में अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
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1 लाख 56 हजार रुपये तक की सहायता
तीन किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल के लिए केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। दिल्ली सरकार भी 78 हजार रुपये देगी। यानी पात्र परिवार को कुल 1 लाख 56 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है। खास बात यह है कि यह सहायता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त होगी।
200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ भी जारी
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन परिवारों को अभी 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है, उन्हें यह सुविधा जारी रहेगी। यानी सोलर पैनल लगने के बाद भी मौजूदा मुफ्त बिजली योजना का लाभ खत्म नहीं होगा।
दिल्ली सरकार को कितना राजनीतिक फायदा?
बहरहाल बताते चलें कि इस योजना का सीधा फायदा दिल्ली के उन लाखों परिवारों को मिल सकता है, जिन्हें बिजली के बढ़ते खर्च से राहत चाहिए। सरकार के लिए इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि 2.30 लाख परिवार सीधे योजना के लाभार्थी बनेंगे।
हालांकि, 2.30 लाख लाभार्थी परिवारों को सीधे 2.30 लाख मतदाता मानना सही नहीं होगा। हर परिवार में मतदाताओं की संख्या अलग-अलग होती है और सभी लाभार्थी सरकार के पक्ष में मतदान करेंगे, यह भी तय नहीं है। इसलिए इस योजना से रेखा गुप्ता सरकार को कितने वोट मिलेंगे, इसकी निश्चित संख्या बताना संभव नहीं है।
लेकिन राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो 2.30 लाख परिवारों तक सीधे सरकारी लाभ पहुंचना एक बड़ा जनसंपर्क प्रभाव पैदा कर सकता है। अगर परिवारों को वास्तव में मुफ्त सोलर पैनल, रखरखाव और बिजली के खर्च में राहत मिलती है तो इसका असर आने वाले चुनावों में सरकार की लोकप्रियता पर पड़ सकता है।
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यानी यह योजना सिर्फ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल नहीं है, बल्कि बिजली के बिल में राहत के जरिए सीधे मध्यम और निम्न आय वाले परिवारों तक पहुंच बनाने की बड़ी राजनीतिक और जनकल्याणकारी पहल भी साबित हो सकती है।
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