UP News : इटावा के सफारी पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले 52 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही बब्बर शेरनी राधिका ने सोमवार तड़के दम तोड़ दिया।✍️वंदना यादव
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UP News : इटावा के सफारी पार्क से एक दुखद खबर सामने आई है। पिछले 52 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही बब्बर शेरनी राधिका ने सोमवार तड़के दम तोड़ दिया। विशेषज्ञ डॉक्टरों और वन्यजीव चिकित्सकों के अथक प्रयास भी उसे बचा नहीं सके। इटावा सफारी पार्क में वर्ष 2019 में गुजरात से लाई गई शेरनी राधिका की सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे मौत हो गई। बीती 8 जुलाई को दूसरी शेरनी नीरजा द्वारा उसकी पूंछ काट लिए जाने के बाद उसका इलाज शुरू किया गया था। उपचार के लिए मथुरा से विशेषज्ञ चिकित्सकों को भी बुलाया गया था।
संक्रमण रोकने के लिए विशेषज्ञों की सलाह पर राधिका की क्षतिग्रस्त पूंछ का हिस्सा काटकर छोटा किया गया था। इलाज के दौरान राधिका ने कई बार खुद भी अपनी पूंछ को नुकसान पहुंचाया और बार-बार टांके टूटने से उसकी स्थिति और गंभीर होती चली गई। सफारी प्रशासन लगातार उसकी निगरानी और इलाज में जुटा रहा।
मौत के बाद पशु चिकित्सकों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में अत्यधिक कमजोरी के कारण मल्टी ऑर्गन फेलियर को मौत की संभावित वजह बताया गया है। साथ ही उसके पेट और आंतों में अत्यधिक मात्रा में गैस भी पाई गई है।
मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शेरनी का विसरा आईवीआरआई बरेली भेजा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि करीब 9 वर्ष की शेरनी राधिका को उसके असामान्य व्यवहार और शारीरिक अक्षमता के कारण कभी पर्यटकों के सामने नहीं छोड़ा गया था और न ही ब्रीडिंग कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
करीब डेढ़ महीने तक चले इलाज के बाद भी राधिका को बचाया नहीं जा सका। अब उसकी मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा आईवीआरआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद हो सकेगा।
✍️वंदना यादव
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