1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. सितंबर की शुरुआत में महंगाई का झटका! CNG के बाद कमर्शियल LPG भी महंगा, छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंता

सितंबर की शुरुआत में महंगाई का झटका! CNG के बाद कमर्शियल LPG भी महंगा, छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंता

Inflation : सितंबर की शुरुआत आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर लेकर आई है।✍अरविंद कुमार

By HO BUREAU 

Updated Date

Inflation : सितंबर की शुरुआत आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर लेकर आई है। अगस्त के आखिरी सप्ताह में सीएनजी की कीमत में 4 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब सितंबर के पहले ही दिन कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा हो गया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की है।

पढ़ें :- दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा पर CM रेखा गुप्ता का सख्त एक्शन, मौजपुर प्लेस्कूल सील; स्कूल बसों पर भी कसेगा शिकंजा

कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने का सीधा असर दुकानदारों, ढाबा संचालकों, छोटे रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों पर पड़ सकता है, वहीं कारोबारियों की लागत बढ़ने का असर आगे चलकर खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। ऐसे में गैस और ईंधन की बढ़ती कीमतें आम लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं।

सितंबर के पहले दिन ही बढ़ी कमर्शियल गैस की कीमत

19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर मुख्य रूप से व्यावसायिक इस्तेमाल में आता है। चाय-नाश्ते की दुकानों से लेकर ढाबों, रेस्टोरेंट और छोटे होटल कारोबार में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।

ऐसे में कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी लगातार सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले छोटे कारोबारियों के लिए अतिरिक्त खर्च का कारण बनती है। पहले से बढ़ी लागत के बीच यह बढ़ोतरी उनके लिए एक और झटका है।

सीएनजी और पीएनजी के दाम भी बढ़े

कमर्शियल एलपीजी के साथ मुंबई में सीएनजी और पाइप वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। सीएनजी महंगी होने से वाहन चलाने वालों का खर्च बढ़ेगा, जबकि पीएनजी की कीमत बढ़ने से पाइप वाली गैस का इस्तेमाल करने वाले परिवारों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू रसोई गैस इस्तेमाल करने वालों के लिए फिलहाल राहत है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

पढ़ें :- दिल्ली SIR में 47.7 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर, जानें कैसे करें चेक?

जनवरी से सितंबर तक गैस के दाम में कितना बदलाव?

अगर दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के जनवरी से सितंबर तक के सफर पर नजर डालें तो कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। साल की शुरुआत में सिलेंडर की कीमत ₹1,691.50 थी। फरवरी में 49 रुपये की बढ़ोतरी हुई और कीमत ₹1,740.50 हो गई। मार्च की शुरुआत में 28 रुपये की और बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 7 मार्च को फिर ₹114.50 की वृद्धि हुई।

अप्रैल और मई में लगा सबसे बड़ा झटका

अप्रैल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹195.50 की बढ़ोतरी हुई। लेकिन मई में कारोबारियों को सबसे बड़ा झटका लगा। मई में कीमत करीब ₹993 बढ़ाई गई और सिलेंडर का दाम बढ़कर ₹3,071.50 पहुंच गया। यानी सिर्फ मई में ही सिलेंडर की कीमत में करीब एक हजार रुपये का इजाफा हुआ।

जून में भी बढ़े दाम, फिर जुलाई-अगस्त में मिली राहत

जून में भी कीमत में ₹42 की बढ़ोतरी हुई और सिलेंडर ₹3,113.50 तक पहुंच गया। इसके बाद जुलाई में करीब ₹183.50 और अगस्त में करीब ₹202 की कटौती की गई। यानी जुलाई और अगस्त में कारोबारियों को कुल करीब ₹385.50 की राहत मिली, लेकिन सितंबर की शुरुआत में फिर ₹9.50 की बढ़ोतरी ने राहत के इस सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया।

कुल कितना बढ़ा और कितना घटा?

जनवरी से सितंबर तक कमर्शियल एलपीजी की कीमत में हुई सभी बढ़ोतरी को जोड़ें तो करीब ₹1,542.50 की वृद्धि हुई। वहीं, इस दौरान कुल करीब ₹385.50 की कटौती भी की गई। इसका मतलब है कि जनवरी की शुरुआत की तुलना में सितंबर में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अभी भी करीब ₹1,046 महंगा है।

महीनेवार बदलाव

जनवरी ₹111 की बढ़ोतरी, फरवरी ₹49 की बढ़ोतरी, मार्च ₹28 की बढ़ोतरी, 7 मार्च ₹114.50 की बढ़ोतरी, अप्रैल ₹195.50 की बढ़ोतरी, मई: ₹993 की बढ़ोतरी, जून ₹42 की बढ़ोतरी, जुलाई ₹183.50 की कटौती, अगस्त करीब ₹202 की कटौती, सितंबर ₹9.50 की बढ़ोतरी

पढ़ें :- PM मोदी के 25 साल, दिल्ली सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’

आम लोगों की चिंता, छोटे कारोबारियों के लिए झटका

कमर्शियल गैस, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतें भी लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। छोटे कारोबारियों के लिए गैस की कीमत बढ़ना सीधे उनकी लागत से जुड़ा है, जबकि आम लोगों को डर है कि कारोबार की लागत बढ़ने का असर खाने-पीने और दूसरी सेवाओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

यानी जुलाई और अगस्त में मिली राहत के बाद सितंबर की शुरुआत ने एक बार फिर महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। आम लोगों के लिए चिंता और छोटे कारोबारियों के लिए एक और झटका।

अरविंद कुमार 

Disclaimer

इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए हमें फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फॉलो करें।

पढ़ें :- पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल पर BJP का AAP सरकार पर हमला, गौरव भाटिया बोले - 'दोहरा मापदंड अपना रही सरकार’

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook, YouTube और Twitter पर फॉलो करे...
Booking.com
Booking.com