UP News : धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा 23 वर्षों का सबसे बड़ा बाढ़ संकट सीएम योगी के कुशल प्रबंधन और 'योगी मॉडल' के आगे पूरी तरह पस्त हो गया।✍️Sandeep
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UP News : धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजा 23 वर्षों का सबसे बड़ा बाढ़ संकट सीएम योगी के कुशल प्रबंधन और ‘योगी मॉडल’ के आगे पूरी तरह पस्त हो गया। सीएम योगी के कड़े निर्देशों का असर रहा कि उत्तर प्रदेश के इलाके वाले चित्रकूट में धरातल पर बिना किसी जनहानि के इस भीषण आपदा को टाल दिया गया।
आफत की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार प्रभावितों के लिए ‘देवदूत’ बनकर उभरी, जिसने न केवल रिकॉर्ड समय में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया बल्कि बाढ़ का पानी उतरते ही मात्र 24 घंटे के भीतर जनजीवन को पटरी पर लौटा दिया।
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए चित्रकूट के हालत पर सीएम योगी की नजर है। उनके सख्त आदेश पर जिला प्रशासन के आला अफसर खुद पानी में उतरकर मोर्चा संभालते नजर आए। आपदा से निपटने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और पीएसी (PAC) की टीमों ने मुस्तैदी दिखाई। मोटरबोट और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए जलमग्न हो चुके प्रसिद्ध रामघाट समेत तमाम संवेदनशील इलाकों से अब तक रिकॉर्ड 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार सुरक्षित निकाले गए नागरिकों का विवरण:रामघाट: 234 लोगअमानपुर: 87 लोगगोबरिया: 84 लोगतरीहा: 82 लोगपंडरी एवं मालिकाना: 77 लोगपासी तिराहा: 55 लोगअन्य प्रभावित क्षेत्र: 50 लोग (राजापुर के अरछा बरेठी गांव से शेल्टर होम भेजे गए)
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक भी नागरिक भूखा नहीं सोना चाहिए। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रभावितों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन व स्वच्छ पेयजल की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को जहां 2,700 लंच पैकेट बांटे गए, वहीं 30 अगस्त को यह संख्या बढ़ाकर 5,200 लंच पैकेट की गई तो वहीं 31 अगस्त को भी इतने ही लंच पैकेट बांटे गए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को त्वरित मदद पहुंचाने के लिए 4000 विशेष बाढ़ राहत किट मंगाई गई हैं।
योगी सरकार की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाढ़ का पानी कम होते ही मात्र 22 से भीतर कर्वी के मंदाकिनी नदी के पास धंसे ‘झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे’ को दुरुस्त कर वाहनों का आवागमन फिर से शुरू करा दिया गया।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक खुद लगातार तरौहा और अमानपुर जैसे गंभीर रूप से प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा रही है और आज शहर की पेयजल सप्लाई भी पूरी तरह सुचारू हो जाएगी। नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
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