BRICS Summit : भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने रविवार को कहा कि BRICS अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। दुनिया को अब BRICS से सिर्फ विचार और वादे नहीं, बल्कि ठोस नतीजों की उम्मीद है।
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उन्होंने कहा कि “मुझे विश्वास है कि हमारी सामूहिक कोशिशों से हम निश्चित रूप से इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। ब्रिक्स के अगले मेज़बान के तौर पर मैं एक बार फिर चीन को अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।”
‘टेक्नोलॉजी और मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत’
भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन दुनिया भर में हमारी महिलाओं की ताकत को दर्शाता है। 18वें ब्रिक्स समिट के समापन पर मैं आप सभी की सक्रिय भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए आपका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। आपके महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने हमारे सहयोग को व्यापकता और गहराई दोनों प्रदान की है। टेक्नोलॉजी और जरूरी मिनरल्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करना गलत है। इससे दुनिया की तरक्की पर असर पड़ता है।”
BRICS 11 देशों का समूह है। इसमें भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया, UAE, सऊदी अरब ब्राजील, रूस इंडोनेशिया और ईरान शामिल है। राजनीतिक, आर्थिक, और सामाजिक सहयोग बढ़ाना उद्देश्य है। ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने 10 प्रस्ताव रखे थे। सभी सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र को सर्वसम्मति से पास किया।
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