वाराणसी। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर देशभर में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज होती जा रही हैं। आध्यात्म की नगरी वाराणसी में भी आदिपुरुष को लेकर हिंदुत्ववादी संगठनों के लोगों ने सोमवार को सड़कों पर उतरकर इसका विरोध किया और फिल्म को बैन करने की मांग की।
पढ़ें :- 2014 से पहले सरकारों को रहती थी कुर्सी बचाने की चिंता, देश के हाथ से निकल जाते थे अवसर : रक्षा मंत्री
आक्रोशित लोगों ने सेंसर बोर्ड पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए फिल्म निर्माताओं और इसके पटकथा लेखक मनोज मुंतशीर को कठोर सजा देने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि आदिपुरुष फिल्म हिन्दुत्व को बदनाम करने की साजिश है। इसमें भगवान श्रीराम सहित अन्य पात्रों का चित्रण गलत तरीके से किया गया है और अश्लीलता भी फैलने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें फिल्म के डायलॉग से दिक्कत है। क्योंकि इसमें आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है जो कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सिनेमा हॉल के बाहर पुलिस बल से हुई झड़प
लोगों ने सिनेमा हाल की दीवार पर चढ़कर पोस्टर फाड़ दिया। जय श्रीराम और श्रीराम का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान जैसे नारों के साथ विश्व प्रसिद्ध भारत माता मंदिर से निकलकर पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी आईपी सिनेमा मॉल के गेट पर पहुचें, जहां पहले से ही भारी संख्या में तैनात पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
पढ़ें :- 'जर्जर स्कूल का फोटो या वीडियो बनाने पर मुकदमा दर्ज हो जाता है...', अखिलेश यादव ने UP सरकार पर साधा निशाना
इस दौरान दोनों तरफ से बहसबाजी हुई और धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने मॉल के बाहर दीवार पर लगे ‘आदिपुरुष’ फिल्म के पोस्टर को फाड़ने की कोशिश की। जिसे पुलिस ने विफल कर दिया। हालांकि बाद में प्रदर्शनकारियों के विरोध किए जाने पर पुलिस ने खुद उस पोस्टर को हटवाया और वहां श्रीराम का झंडा लगा दिया गया।
हजरतगंज कोतवाली में फ़िल्म निर्माता के खिलाफ तहरीर
लखनऊ। फ़िल्म ‘आदिपुरुष’ को लेकर सोमवार को हजरतगंज कोतवाली में किसानों और हिंदुत्ववादी संगठनों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। फ़िल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की। लोगों ने हजरतगंज कोतवाली में फ़िल्म निर्माता के खिलाफ तहरीर दी। किसान नेता फहीम अंसारी की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन हुआ।