UP News : अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल में शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित किया।✍️Avinay Mishra
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UP News : अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल में शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जर्जर स्कूलों की वीडियोग्राफी पर रोक को लेकर UP सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जर्जर स्कूल का फोटो या वीडियो बनाने पर मुकदमा दर्ज हो जाता है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी कभी शिक्षा पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था, लेकिन अब ऐसा किया जा रहा है। शिक्षकों को पढ़ाने के बजाय दूसरे कामों में लगाया जा रहा है। आने वाले समय में शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं दिया जाएगा।
सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि जिन नामों का ज़िक्र हो रहा है, हमने अपने पूरे राजनीतिक करियर में कितनी बार ऐसे नाम लिए हैं? ज़रा बताइए। हमने कितनी बार नाम लिए हैं? क्या हमने कभी अपने पूरे राजनीतिक करियर में ऐसे नाम लिए हैं? तो फिर नाम कौन ले रहा है? देखिए, उन्हें न तो राम से कोई लेना-देना है और न ही कृष्ण से। उन्हें तो बस राम और कृष्ण के नाम पर मिलने वाले चढ़ावे में दिलचस्पी है। उनकी नज़र चढ़ावे पर है। आप बात समझ नहीं रहे हैं। अगर आप इतना भी समझ गए होते तो यह सवाल न पूछते। उनसे पूछिए कि क्या वे चढ़ावे के पीछे पड़े हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि JPNIC देश का सबसे प्रतिष्ठित केंद्र होता और जो लोग इसे देखने अंदर गए, उन्हें ज़रूर महसूस हुआ होगा कि कैसी इमारत बन रही थी। युवाओं के लिए, एक वैचारिक नेता के लिए, समाजवादी आंदोलन से जुड़ाव और भावनाएं थीं, जिन्हें ध्यान में रखकर इसे बनाया जा रहा था। इसमें वर्ल्ड-क्लास, हर मौसम के अनुकूल, ओलंपिक-साइज़ का स्विमिंग पूल, लॉन टेनिस, बैडमिंटन, स्क्वैश, रेस्टोरेंट और कैफ़े जैसी सुविधाएं थीं। साथ ही, ठहरने के लिए कमरे और एक कन्वेंशन सेंटर भी था, जहाँ कोई भी बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता था।
Lucknow, Uttar Pradesh: Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, “JPNIC, would have been the country’s most prestigious center. And those who went inside to see, must have felt what kind of structure was coming up. For youth, for an ideological leader, an emotional attachment… pic.twitter.com/eXirSq4KbC
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— IANS (@ians_india) September 5, 2026
सरकार गोमती नदी की सफ़ाई का काम शुरू करेगी। इसी पर उन्होंने कहा कि क्या आपको पता है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कितने करोड़ में बना था? कितने करोड़? 4,000 करोड़ से ज़्यादा में बना था और उसे पंखों से सुखाया जा रहा था, ज़रा सोचिए, एक सड़क जिसे पंखों, टेबल फ़ैन से सुखाया जा रहा था? क्या आपको नहीं दिख रहा कि कितनी लूट हो रही है? क्या गंगा एक्सप्रेसवे में लूट नहीं हुई? क्या गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे में लूट नहीं हुई।
✍️Avinay Mishra
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