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ललितपुर के गोविन्द सागर बांध की तलहटी में स्थित ओशो फॉरेस्ट में वृक्ष रक्षा पर्व के रूप में मनाया गया रक्षाबंधन

गोविन्द सागर बांध ललितपुर की तलहटी में स्थित ओशो फॉरेस्ट के योग स्थल पर योग साधकों द्वारा ‘वृक्ष रक्षा पर्व’ के अंतर्गत पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांध कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पेड़ों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्हें लगाने व उनके संरक्षण पर बल दिया।

By Rakesh 

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ललितपुर। गोविन्द सागर बांध ललितपुर की तलहटी में स्थित ओशो फॉरेस्ट के योग स्थल पर योग साधकों द्वारा ‘वृक्ष रक्षा पर्व’ के अंतर्गत पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांध कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पेड़ों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्हें लगाने व उनके संरक्षण पर बल दिया।

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वक्ताओं ने बताया कि बांध की तलहटी में जिसको चौड़ाई क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है, इस क्षेत्र में लगभग पांच हजार पेड़ लगे हुए हैं। जिनमें विशेष रूप से आंवला, नीम, जामुन, बांस, कचनार, शीशम, खैर, बबूल, सफेदा, कंजी, छेवला, अर्जुन, आम, इमली, खजूर सहित अनेक पेड़ लगे हुए हैं।

समय-समय पर लगाए भी जाते हैं जो हमें फल , फूल, औषधि, इमारती एवं जलाऊ लकड़ी के अलावा शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं। यह मानव जीवन सहित विभिन्न प्राणियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। अधिसंख्य घने पेड़ लगे होने के कारण यहां का तापमान आबादी वाले क्षेत्र से लगभग 5 डिग्री कम रहता है।

इस क्षेत्र में शहर के अनेक लोग मॉर्निंग वॉक पर आते हैं। सुरम्य वातावरण में योगा आसान करके स्वास्थ्य लाभ लेतें है। इस अवसर पर बुन्देलखण्ड विकास सेना प्रमुख ने बताया कि बेशक यहां का प्राकृतिक वातावरण बहुत ही सुंदर है। योग साधकों की जागरूकता से पेड़-पौधों को बचाने का कार्य निरन्तर किया जा रहा है।

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