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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

By HO BUREAU 

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Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses party workers and leaders during a meeting focused on organisational strength, unity and preparations for the 2027 Uttar Pradesh Assembly polls, in Lucknow on Sunday, May 24, 2026. (Photo: IANS)

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने राम मंदिर में हुए चंदा चोरी पर जिंता जताई है। इसके साथ ही इस मामले पर राजनीति नहीं करने की भी अपील की है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, गबन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आए दिन किस्म-किस्म की आ रही खबरें अति-गम्भीर व चिंतनीय हैं। ऐसे लोगों को कतई बक्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं है। साथ ही, अब यहां मंदिर में चढ़ावे को लेकर आगे कोई भी शिकायत न आये, इसके लिए देश के दूसरे विख्यात व प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ावे के हिसाब-किताब के लिए जो व्यवस्था है, उनका यहां अयोध्या में भी अनुसरण करके इस मामले को जल्द ही सुलझाना चाहिए।”

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राम मंदिर चंदा प्रकरण के राजनीतिकरण पर ध्यान न दें : मायावती 

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा, “इतना ही नहीं देश में राजनीति का अपराधीकरण व अपराध का राजनीतिकरण तथा धर्म का राजनीतिकरण एवं राजनीति का अंध धर्मीकरण ना किया जाये तो यह सही व संवैधानिक होगा। बसपा की राजनीतिक पार्टियों को देश व जनहित में यही सलाह है और देशवासियों से भी अपील है कि इस मामले के राजनीतिकरण पर ध्यान न दें।” इसके पहले 22 जून को मायावती ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जबसे अपर कास्ट समाज और उसमें से खासकर ब्राह्मण समाज के बीएसपी से जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तबसे सभी विरोधी पार्टियों में और खासकर समाजवादी पार्टी की नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है। 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बीएसपी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।”

 

ब्राह्मण समाज का हित बीएसपी में ही सुरक्षित है : मायावती 

मायावती ने लिखा, ‘वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से खासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बीएसपी में ही सुरक्षित है’, जिसने अपनी इस ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है। वहीं, दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।”

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ज्ञात हो कि अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर हाल के दिनों में विवाद खड़ा हो गया है। चढ़ावे की गिनती और उसके रखरखाव में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दान राशि में कथित चोरी, गबन और हिसाब-किताब में हेराफेरी के आरोप लगे, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू कराई। जांच के दौरान कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई, इसमें कितनी धनराशि प्रभावित हुई और किन-किन लोगों की भूमिका रही। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। विपक्षी दलों ने इसे लेकर सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

 

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