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गुरमीत राम रहीम की फरलो पर SGPC को आपत्ति, 21 दिनों की फरलों पर सुनारिया जेल से रिहा हुए राम रहीम

राम रहीम को 21 दिन की फरलो देने पर SGPC अध्यक्ष ने कहा कि ये फैसला पंजाब के साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए बीजेपी की एक चाल है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

By इंडिया वॉइस 

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अमृतसर, 7 फरवरी। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिल गई है। सूचना मिलते ही डेरा श्रद्घालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। तो वहीं हरियाणा सरकार द्वारा राम रहीम को 21 दिन की फरलो देने पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ये फैसला पंजाब के साम्प्रदायिक भावनाओं को भड़काने के लिए बीजेपी की एक चाल है, जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

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SGPC अध्यक्ष ने बीजेपी को घेरा

SGPC अध्यक्ष ने सोमवार को हरियाणा सरकार के फैसले के बाद मीडिया को जारी बयान में कहा कि डेरा सिरसा प्रमुख बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर आरोपों में सजा काट रहा है, इसके साथ ही गुरु ग्रंथ साहिब जी के अपमान करने के मामले में राम रहीम का हाथ होने के चलते केस चल रहा है। ये व्यक्ति सिखों की धार्मिक भावनाओं का हत्यारा है और दुख की बात है कि हरियाणा और केंद्र की बीजेपी सरकार मिलकर राजनीतिक फायदे के लिए डेरा प्रमुख को फरलो देकर, पंजाब के लोगों की भावनाओं के साथ खेल रही है।

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राजनीतिक लाभ के लिए बीजेपी ने राम रहीम को फरलो दी- SGPC

एडवोकेट धामी ने कहा कि बीजेपी चुनाव के दौरान राजनीतिक लाभ हासिल करने के मकसद से देश और खासकर पंजाब का माहौल खराब करने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां डेरा प्रमुख से बेअदबी के मामले में पूछताछ की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र के द्वारा राम रहीम को जेल से रिहा कर उसे 21 दिनों तक खुला छोड़ा जा रहा है। SGPC अध्यक्ष ने कहा कि BJP शांतिपूर्ण पंजाब नहीं देखना चाहती, इसलिए राम रहीम को बाहर लाई है। उन्होंने कहा कि सिख भावनाएं इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगी।

वहीं दूसरी ओर दिवंगत पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने इसे सरकार की तरफ से फरलो गिफ्ट करार दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वोट हासिल करने की चाह में ये फैसला लिया है। साथ ही उन्होंने अब फरलो के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जाने का फैसला भी लिया है।

डेरा प्रबंधन का बयान- अभी घरों में रहें श्रद्धालु

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उधर फैसले के बाद डेरा श्रद्धालु इकट्ठे होना शुरू हो गए। इस पर डेरा प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा कि डेरा सच्चा सौदा की मैनेजमेंट कमेटी ने साध संगत से अनुरोध किया है कि संगत अपने-अपने घरों में रहें। राम रहीम के दर्शनों के बारे में कोई भी कार्यक्रम होगा तो बता दिया जाएगा। साथ ही ये भी कहा है कि किसी भी तरह की अफवाहों में ना आए और डेरा सच्चा सौदा के जो ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं उन पर ही दी गई जानकारी पर अमल करें। राम रहीम को 3. 25 बजे सुनारिया जेल से निकला गया।

क्या होती है फरलो?

फरलो एक तरह से सजा काट रहे कैदियों के लिए छुट्टी की तरह होती है। फरलो के तहत एक निर्धारित समय के लिए कैदी को अपने घर जाने की मंजूरी होती है। आपको बतादें कि गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में CBI की विशेष अदालत ने साध्वी से रेप और हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद की सजा सुनाई थी। गुरमीत राम रहीम को पूर्व डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

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