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झारखंड में कचरा प्रबंधन पर कसेगा शिकंजा, सूडा ला रहा है डिजिटल मॉनिटरिंग और ग्रीवांस प्लेटफॉर्म

By HO BUREAU 

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झारखंड में कचरा प्रबंधन पर कसेगा शिकंजा, सूडा ला रहा है डिजिटल मॉनिटरिंग और ग्रीवांस प्लेटफॉर्म

Jharkhand : झारखंड के शहरी इलाकों में निकलने वाले कचरे के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर विकास विभाग की एजेंसी सूडा (State Urban Development Agency) ने राज्यभर के कचरे के उठाव, परिवहन, प्रोसेसिंग और अंतिम निस्तारण की डिजिटल निगरानी के लिए एक हाई-टेक प्लेटफॉर्म तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 12 अक्टूबर तक प्रस्ताव मांगे गए हैं।

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एक ही डिजिटल डैशबोर्ड पर पूरे राज्य के कचरे का हिसाब

यह नया सिस्टम लागू होने के बाद राज्य के सभी नगर निकायों में चल रही कचरा प्रबंधन की गतिविधियों को एक केंद्रीय डिजिटल डैशबोर्ड से जोड़ा जाएगा। सरकार को यह रियल-टाइम जानकारी मिल सकेगी कि किस शहर में कितना कचरा निकल रहा है, वाहन कहां चल रहे हैं और प्रोसेसिंग प्लांट में कितने कचरे का निपटारा हो रहा है। इससे निकायों के स्तर पर चल रही गड़बड़ियों और फर्जी विज्ञापनों पर रोक लगेगी।

कैग रिपोर्ट में खुलासे के बाद उठाया गया सख्त कदम

कैग (CAG) की 2024 की रिपोर्ट में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के दौरान बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और निगरानी में कमी का खुलासा हुआ था। जांच में पाया गया था कि कई वाहनों में जीपीएस काम नहीं कर रहे थे या लगाए ही नहीं गए थे। इसके अलावा, रांची समेत अन्य जगहों पर कचरा ढुलाई के नाम पर पहले भी अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए अब राज्य स्तर पर यह सख्त डिजिटल व्यवस्था बनाई जा रही है।

डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के प्रमुख लाभ

• घर से प्लांट तक ट्रैकिंग: कचरा उठने से लेकर प्रोसेसिंग स्थल तक पूरी चेन डिजिटल होगी।

• जीपीएस से वाहनों पर नजर: वाहनों के रूट, ट्रिप और निर्धारित क्षेत्र से उठाव की सटीक ट्रैकिंग होगी।

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• रियल-टाइम डेटा: हर निकाय के दैनिक कचरा उत्पादन और उठने वाले कचरे का केंद्रीय रिकॉर्ड बनेगा।

• भ्रष्टाचार पर लगाम: डंपिंग में होने वाली हेराफेरी और फर्जी बिलिंग पर रोक लगेगी।

• शिकायत निवारण प्रणाली: नागरिकों की शिकायतों, संबंधित अधिकारियों और समाधान में लगने वाले समय का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।
सख्ती से लागू होगा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट

विभाग के प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया है कि शहरों को साफ-सुथरा बनाने के लिए चलाए जा रहे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम में यदि कोई लीकेज या खामी है तो उसे पूरी तरह दूर किया जाएगा। इस नए प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल कचरा प्रबंधन सुधरेगा, बल्कि आम जनता की शिकायतों का समय पर समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा।

Vishwajeet bhatt

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इस लेख में व्यक्त विचार, मत एवं विश्लेषण मूल लेखक के हैं। इसे केवल प्रकाशन हेतु संपादित किया गया है। विचारों, मतों या उनसे उत्पन्न परिणामों के लिए वेब पोर्टल अथवा प्रकाशक उत्तरदायी नहीं होंगे।

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