दिल्ली-NCR में बिगड़ती वायु गुणवत्ता एक बार फिर जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 और स्टेज-4 को ज्यादा सख़्ती और समन्वय के साथ लागू करने का फैसला लिया है।
Updated Date
दिल्ली-NCR में बिगड़ती वायु गुणवत्ता एक बार फिर जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनकर सामने आई है। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-3 और स्टेज-4 को ज्यादा सख़्ती और समन्वय के साथ लागू करने का फैसला लिया है। उद्देश्य साफ़ है- तत्काल राहत के साथ-साथ प्रदूषण पर टिकाऊ नियंत्रण। सरकार का जोर अब केवल अस्थायी रोक-टोक पर नहीं, बल्कि ऐसे उपायों पर है जो व्यवहार में बदलाव ला सकें और असरदार साबित हों।
नए ढांचे में नियमों को पहले से अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाया गया है:
इन फैसलों का असर रोज़मर्रा की दिनचर्या में साफ़ दिखाई देने लगा है:
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मॉडल डेटा-आधारित और समयबद्ध है, जिससे निर्णय लेने में तेजी आती है। पहले जहां कदम देर से उठते थे, अब एक-दूसरे से जुड़े उपाय एक साथ लागू होकर असर बढ़ाते हैं। साथ ही, सख़्त निगरानी और दंड व्यवस्था से नियमों का पालन सुनिश्चित होने की उम्मीद भी बढ़ी है।
रेखा गुप्ता सरकार का यह कदम संकेत देता है कि प्रदूषण से निपटने की रणनीति अब तत्काल प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान की ओर जा रही है। GRAP-3 और GRAP-4 का संयुक्त और निर्णायक क्रियान्वयन, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जन-सहभागिता—तीनों के मेल से ही असर दिखा सकता है। अगर यह सख़्ती लगातार बनी रही, तो दिल्ली की हवा में सुधार केवल उम्मीद नहीं, एक वास्तविक संभावना बन सकती है।