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UP Elections Result 2022 : यूपी में AIMIM ने किस पार्टी का बिगाड़ा और बनाया खेल, क्या कुछ सीटों पर हार-जीत का फैसला करने में रही AIMIM की एहम भूमिका ?

आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट छोड़कर किसी भी सीट पर AIMIM उम्मीदवारों की जमानत नहीं बची। मुबारकपुर सीट से शाह आलम (गुड्डू जमाली) ही एक ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने पार्टी की लाज बचाई है।

By इंडिया वॉइस 
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नई दिल्ली, 14 मार्च। उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में इस बार भी BJP ने अपने सहयोगियों के साथ 273 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया। यूपी में BJP को जहां 41.29% मतदान हासिल हुआ। वहीं समाजवादी पार्टी को 32.03% वोट मिले। जबकि बहुजन समाज पार्टी के हिस्से में 12.88% वोट पड़े। प्रदेश की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत हासिल की।

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भले ही यूपी में सियासी करिश्मा नहीं दिखा सकी। लेकिन आधा दर्जन से ज्यादा सीटों पर समाजवादी पार्टी गठबंधन के जीत का खेल जरूर बिगाड़ दिया। प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं की पहली पसंद सपा जरूर बनी है। लेकिन AIMIM उम्मीदवारों ने इतने वोट जरूर हासिल किए, जिससे कई सीटों पर BJP की जीत की राह आसान बनी। माना जा रहा है कि यूपी में AIMIM वोट कटवा पार्टी बनकर उभरी है।

बतादें कि उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में असदुद्दीन ओवैसी ने 100 से ज्यादा उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे। AIMIM ने ज्यादातर मुस्लिम बहुल सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतार रखे थे तो कुछ सीटों पर हिंदू प्रत्याशी भी दिए थे। जिसके बावजूद AIMIM को एक फीसदी से भी कम वोट मिले हैं और आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट को छोड़कर किसी भी सीट पर उसकी जमानत नहीं बच सकी।

हालांकि समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच सीधे मुकाबला होने की वजह से मुस्लिम बहुल सीटों पर ओवैसी के प्रत्याशियों ने इतने मतदान जरूर हासिल किए, जिससे बीजेपी प्रत्याशियों की जीत की राह आसान बन सकी। बिजनौर, मुरादाबाद, कुर्सी, नकुड़, फिरोजाबाद, जौनपुर जैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर बीजेपी कमल खिलाने में सफल रही। इसके अलावा कांग्रेस और बसपा से उतरे मुस्लिम प्रत्याशियों ने भी कई सीटों पर सपा गठबंधन का खेल खूब बिगाड़ा है।

देखें AIMIM ने किसका बिगाड़ा खेल?

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बिजनौर सीट : मुस्लिम बहुल बिजनौर विधानसभा सीट पर बीजेपी जीतने में कामयाब रही। बिजनौर सदर सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सुची मौसम चौधरी को 97,165 वोट मिले और सपा-RLD प्रत्याशी नीरज चौधरी को 95,720 वोट मिले। जबकि AIMIM के मुनीर अहमद को 2,290 वोट मिले हैं। सपा गठबंधन को 1445 वोटों से बीजेपी के हाथों हार का सामान करना पड़ा है। ओवैसी के प्रत्याशी को मिले वोटों को अगर सपा-गठबंधन में जोड़ देते हैं तो BJP 845 वोटों से हार जाती।

नकुड़ : सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल मानी जाती है। नकुड़ से बीजेपी प्रत्याशी मुकेश चौधरी को 10,3,771 वोट और सपा उम्मीदवार धर्म सिंह सैनी को 10,3,616 वोट मिले हैं। वहीं AIMIM प्रत्याशी रिजवाना को 3,591 वोट मिले हैं। इस सीट पर सपा को बीजेपी से महज 155 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। नकुड़ सीट पर ओवैसी सपा गठबंधन के जीत की राह में रोड़े बने।

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कुर्सी सीट : बाराबंकी की कुर्सी विधानसभा सीट पर सपा गठबंधन का खेल ओवैसी पार्ची ने बिगाड़ दिया। यहां बीजेपी प्रत्याशी सकेंद्र प्रताप को 118614 वोट मिले तो सपा उम्मीदवार राकेश वर्मा को 118094 वोट मिले। AIMIM प्रत्याशी कामिल अशरफ खान को 8533 वोट मिले। सपा गठबंधन को 520 वोटों से बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा। वहीं ओवैसी के प्रत्याशी को मिले वोट अगर सपा गठबंधन के पक्ष में जोड़ देते हैं तो बीजेपी की राह मुश्किल होती।

शाहगंज : जौनपुर जिले की शाहगंज विधानसभा सीट पर बीजेपी गठबंधन पहली बार जीत दर्ज कर सका. बीजेपी गठबंधन के तहत निषाद पार्टी के उम्मीदवार रमेश सिंह को 76035 वोट मिले। जबकि सपा गठबंधन के उम्मीदवार शैलेंद्र यादव को 70370 वोट मिले हैं। वहीं AIMIM के उम्मीदवार नयाब अहमद खान को 7070 वोट मिले। इस सीट पर सपा को 5665 वोटों से हार मिली है.

सुल्तानपुर : अवध क्षेत्र की सुल्तानपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार विनोद सिंह को 92245 वोट तो सपा प्रत्याशी अनूप सांडा को 90857 वोट मिले। वहीं ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार मिर्जा अकरम बेग को 5240 वोट मिले। सपा गठबंधन को महज 1388 वोटों से बीजेपी से हार मिली है।

औराई सीट : औराई विधानसभा सीट पर बीजेपी और सपा के बीच कांटे की टक्कर दिखी। बीजेपी प्रत्याशी दीनानाथ भाष्कर को 93438 वोट मिले, तो सपा उम्मीदवार अंजनी को 91427 वोट मिले जबकि ओवैसी की पार्टी से उतरे टेड़ाई को 2188 वोट मिले। बीजेपी ने 2011 वोटों के मार्जिन से सपा को हराया।

वहीं बतादें कि आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट छोड़कर किसी भी सीट पर AIMIM उम्मीदवारों की जमानत नहीं बची। मुबारकपुर सीट से शाह आलम (गुड्डू जमाली) ही एक ऐसे उम्मीदवार थे जिन्होंने पार्टी की लाज बचाई है। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेशभर में नोटा को पड़े वोटों से भी कम वोट AIMIM पार्टी को मिले हैं। यूपी चुनाव में करीब 6,37,304 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। ये कुल मतदान का करीब 0.69 फीसदी है। ओवैसी के सभी उम्मीदवारों को मिलाकर करीब 4,50,929 वोट ही मिले हैं। यानी ये कुल वोट का महज 0.49 फीसदी वोट है।

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