शशि थरूर ने की बड़ी प्रतिक्रिया की मांग: ‘उरी और बालाकोट से भी आगे जाए सरकार’
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया है। इस हमले के मद्देनजर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मोदी सरकार से अपील की है कि इस बार की कार्रवाई पहले के सभी जवाबों से बड़ी और निर्णायक होनी चाहिए। थरूर ने स्पष्ट कहा कि “यह हमला केवल निर्दोष नागरिकों पर नहीं, बल्कि पूरे भारत पर किया गया है। अब समय आ गया है कि सरकार उरी और बालाकोट जैसी पिछली कार्रवाइयों से भी आगे बढ़े।”
थरूर ने कहा कि देश की जनता अब केवल सांत्वना नहीं चाहती, बल्कि आतंकियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ ठोस और कड़ा प्रतिशोध देखना चाहती है। उन्होंने मोदी सरकार से आग्रह किया कि वह इस हमले का जवाब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाए और पाकिस्तान को एक बार फिर कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करे।
सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील
शशि थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को चाहिए कि वह सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक अधिकार और संसाधन दे ताकि घाटी में आतंकियों की जड़ तक पहुंचकर उनका सफाया किया जा सके। उन्होंने कहा कि “जब तक हम आतंक के नेटवर्क को जड़ से खत्म नहीं करेंगे, तब तक ऐसे हमले दोहराए जाते रहेंगे।”
थरूर ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत को अब अपनी नीति में आक्रामक रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर आवश्यक हो तो भारत को आतंकियों के ठिकानों पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को घेरने की सलाह
थरूर ने भारत सरकार को सुझाव दिया कि वह इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए। उन्होंने कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र, यूरोपियन यूनियन, और अन्य वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने के प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए।
उनके अनुसार, केवल सैन्य प्रतिक्रिया ही नहीं बल्कि राजनयिक और आर्थिक दबाव भी जरूरी है ताकि पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग-थलग किया जा सके।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि, देश से एकता की अपील
अपने बयान के अंत में शशि थरूर ने आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरे देश को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट रहना चाहिए।
थरूर ने कहा, “हमारे सैनिकों और नागरिकों की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। यह समय है जब पूरा भारत एक आवाज में आतंकवाद के खिलाफ खड़ा हो।”