प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर नया सुभाषित साझा करते हुए धैर्य को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने संस्कृत श्लोक के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में अडिग रहने का संदेश दिया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक सुभाषित साझा करते हुए धैर्य को किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य ही देश को एकजुट रखता है और प्रगति, समृद्धि तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “धैर्य किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। इससे कठिन चुनौतियों के बीच भी देश को एकजुट रहने के साथ ही प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।”
इसके साथ उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया: “चलन्ति गिरयः कामं युगान्तपवनाहताः। कृच्छ्रेऽपि न चलत्येव धीराणां निश्चलं मनः॥”
इस श्लोक का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रलयकाल की प्रचंड वायु से पर्वत भी डगमगा सकते हैं, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्यवान व्यक्ति का मन अडिग और अविचल रहता है।प्रधानमंत्री लगातार भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जुड़े सुभाषित साझा करते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने विनम्रता, परोपकार और समाज सेवा पर आधारित श्लोक साझा करते हुए कहा था कि वास्तविक समृद्धि वही है, जो समाज के कल्याण के लिए समर्पित हो। वहीं 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने उनके बलिदान और राष्ट्रसेवा को प्रेरणास्रोत बताया था। प्रधानमंत्री के इन संदेशों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि को बढ़ावा देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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