कोरबा। राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के संयंत्र की इकाइयों में खराबी का सिलसिला जारी है। मडवा संयंत्र की 500 मेगावाट क्षमता की दो नंबर इकाई में तकनीकी खराबी आने से बंद करना पड़ा। जिसके चलते अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए हैं।
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बता दें कि इसके पहले भी हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम की 210 मेगावाट क्षमता की तीन नंबर इकाई में भी खराबी आई थी। जिसे बंद करने के बाद मेंटेनेंस कार्य किया गया। इस यूनिट को सुधार कार्य के बाद चालू किया गया, तब विद्युत उत्पादन शुरू हो सका। जबकि राज्य के सीपीसी वा आईपीपी से बिजली लेने पर कुल उपलब्धता 251 मेगावाट रही।
मांग को पूरी करने के लिए सेंट्रल सेक्टर से अनुबंध 1047 मेगावाट बिजली ली जा रही है। इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। माना जा रहा है कि मड़वा संयंत्र में रात-दिन सुधार का काम किया जा रहा है। इसके बाद ही राज्य में बिजली आपूर्ति पूरी हो सकेगी।