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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यूपी सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपी SIT की फाइनल रिपोर्ट

UP News : अयोध्या चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के साथ विशेष जांच दल (एसआईटी) की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है।✍️Anil Shahi

By HO BUREAU 

Updated Date

UP News : अयोध्या चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आवश्यक कार्रवाई के साथ विशेष जांच दल (एसआईटी) की फाइनल रिपोर्ट सौंप दी है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में हस्तक्षेप से पहले बनी एसआईटी ने तैयार कर उत्तर प्रदेश शासन को सौंपी थी। एसआईटी का गठन गत 13 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने किया था।

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तीन सदस्यीय SIT ने तैयार की थी फाइनल रिपोर्ट

लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बनी तीन सदस्यीय एसआईटी ने फाइनल रिपोर्ट तैयार की थी। जिसमें एसआईटी के अध्यक्ष मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के साथ आईजी रेंज किरण एस. तथा विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार सदस्य के रूप में शामिल थे। एसआईटी ने 23 जून 2026 को उत्तर प्रदेश शासन को अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन सौंपा था, जिसमें कई कठोर संस्तुतियां की गई थीं। जिसके आधार पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

SIT की रिपोर्ट पर ही हुई थी FIR व गिरफ्तारी

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून 2026 को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था।

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ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर (अपराध संख्या 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया।

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आरोपियों के खिलाफ धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) बीएनएस व 13(1)(a) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। मामले में आरोपियों से पूछ ताछ के अलावा अन्य तमाम साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई थी।

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✍️Anil Shahi

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