Siwan : 25 जुलाई को बिहार के सिवान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के मामले में बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है।✍️अरविंद कुमार
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Siwan : 25 जुलाई को बिहार के सिवान में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के मामले में बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। पुलिस ने बताया कि भीड़ में फंसने के बाद DIU के एक कॉन्स्टेबल ने AK-47 से हवा में चार राउंड फायर किए। घटना के बाद कॉन्स्टेबल को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई।
बिहार पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को AISA और RYA के प्रदर्शनकारी सिवान के गांधी मैदान में जुटे थे और वहां से जेपी चौक की ओर बढ़ रहे थे। दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पथराव शुरू हुआ। इसके बाद मैरवा रोड और गोपालगंज रोड से आए कुछ लोगों के भी पथराव में शामिल होने का दावा किया गया।
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हिंसा में SP, दो SDPO, दो इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और 13 कांस्टेबल समेत कुल 20 पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस के दो वाहन और कई ट्रैफिक ट्रॉलियां भी क्षतिग्रस्त हुईं।
हलफनामे के अनुसार, पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने के कारण अलग-अलग शाखाओं और पुलिस लाइन से अतिरिक्त जवान बुलाए गए। इसी दौरान जेपी चौक के पास DIU का एक कॉन्स्टेबल भीड़ में फंस गया। पुलिस का कहना है कि उसने अपनी AK-47 से हवा में चार गोलियां चलाईं। इस फायरिंग में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस के अनुसार, जेपी चौक से करीब 1.5 से 2 किलोमीटर दूर हाथी चौक पर भी भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान एक ASI ने 9 एमएम पिस्तौल से दो राउंड फायर किए। घटनास्थल से 315 बोर के दो और 7.65 एमएम का एक खाली कारतूस भी बरामद किया गया। हिंसा के मामले में छह FIR दर्ज कर 82 लोगों को आरोपी बनाया गया, जबकि 17 गिरफ्तारियां हुई हैं।
बिहार पुलिस ने बताया कि तीन प्रदर्शनकारियों को गोली लगने से मामूली चोटें आई थीं। उन्हें पहले सिवान सदर अस्पताल और फिर पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। पुलिस का दावा है कि ये चोटें AK-47 की फायरिंग से नहीं हुईं और घायल उस स्थान पर भी मौजूद नहीं थे जहां कांस्टेबल ने गोली चलाई थी।
फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, दूरी और गोली चलाने के कोण का पता लगाने के लिए बैलिस्टिक जांच जारी है, वहीं, AK-47 से फायरिंग करने वाले कांस्टेबल अभिषेक कुमार को अनुचित आचरण के आरोप में निलंबित कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने कहा कि AK-47 प्लाटून स्तर का हथियार है और सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। DGP ने 1 अगस्त को इसके इस्तेमाल को लेकर नए निर्देश भी जारी किए हैं।
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