Delhi : सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स के सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस की प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और ऑनलाइन बनाने के लिए नई एसओपी लागू की है।✍️अरविंद कुमार
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Delhi : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स के सिनेमैटोग्राफ लाइसेंस की प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और ऑनलाइन बनाने के लिए नई एसओपी लागू की है। रेखा गुप्ता सरकार ने पुरानी बहु-एनओसी व्यवस्था खत्म कर जिला स्तर पर एकीकृत सिंगल विंडो लाइसेंसिंग सिस्टम लागू किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और विभागों के बीच समन्वय की समस्या को खत्म करना है।
रेखा गुप्ता सरकार ने जिला लाइसेंसिंग समिति (डीएलसी) का गठन किया है। इसकी अध्यक्षता डिप्टी कमिश्नर/जिलाधिकारी करेंगे। समिति में पुलिस, फायर, नगर निगम/डीडीए, दिल्ली जल बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस जारी करने का अंतिम निर्णय डीएलसी लेगी।
नई व्यवस्था के तहत जिला निरीक्षण समिति (डीआईसी) सिनेमाघरों का संयुक्त निरीक्षण करेगी। एसडीएम के नेतृत्व में समिति एकीकृत, ई-साइन और जियोटैग्ड निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड करेगी। इससे अलग-अलग विभागों की एनओसी की जगह एक ही सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध होगी।
रेखा गुप्ता सरकार ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के लिए समय-सीमा तय की है। आवेदन की प्रारंभिक जांच सात कार्यदिवस में, डीआईसी का निरीक्षण 45 दिनों में और निरीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद डीएलसी का निर्णय 30 दिनों में करना होगा। सभी जरूरी वैधानिक और सुरक्षा मानक पूरे होने पर निर्धारित समय में फैसला नहीं होने की स्थिति में लाइसेंस पोर्टल पर स्वतः जनरेट हो सकेगा।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने का प्रावधान किया है। आवेदन, शुल्क भुगतान, निरीक्षण रिपोर्ट, निर्णय और फॉर्म-बी में लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए होगी। शिकायतों के लिए भी पोर्टल आधारित व्यवस्था बनाई गई है।
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया आसान बनाने का मतलब सुरक्षा मानकों में ढील देना नहीं है। नई एसओपी में वार्षिक संयुक्त निरीक्षण, औचक निरीक्षण और साल में दो बार मॉक ड्रिल का प्रावधान है। सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई एसओपी पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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